Bhadoni News: आत्म सुरक्षा को मार्शल आर्ट व जूड़ो सीखेंगी 3500 छात्राएं
Bhadoni News: आत्म सुरक्षा को मार्शल आर्ट व जूड़ो सीखेंगी 3500 छात्राएंत्म सुरक्षा को मार्शल आर्ट व जूड़ो सीखेंगी 3500 छात्राएंत्म सुरक्षा को मार्शल आर्ट व जूड़ो सीखें

Bhadoni News: ज्ञानपुर, संवाददाता। रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा अभियान के तहत जिले में कुल 3500 छात्राएं मार्शल आर्ट जूड़ो-कराटा का प्रशिक्षण लेंगे। 90 दिन तक प्रशिक्षण लेने के बाद छात्राएं स्वयं जागरूक करेंगी। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने प्रशिक्षकों के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कुल 38 प्रशिक्षकों को विद्यालयों में रखा जाएगा। बेटियों की शिक्षा व सुरक्षा को लेकर शासन स्तर से तमाम योजनाएं चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा के तहत छात्राएं आत्म सुरक्षा का हुनर सीखेंगी। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि जिले में 33 राजकीय हाईस्कूल और छह राजकीय इंटर कॉलेज संचालित हैं। जिसमें छह हजार से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। पीएम श्री विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज को छोड़कर शेष 38 विद्यालयों में पढ़ने वाली 3500 छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। अक्सर छात्राओं को छींटाकशी का शिकार होना पड़ता है। मार्शल आर्ट एवं जूडो में पारंगत होने पर वह ऐसे लोगों को सीधा जवाब दे सकेंगी। इसके लिए मार्शल आर्ट, जूडो, कराटे में दक्ष प्रशिक्षकों का चयन किया जाएगा। सभी विद्यालयों में एक-एक प्रशिक्षक रखे जाएंगे। शिक्षा विभाग की तरफ से प्रशिक्षकों के चयन के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आगामी दो से ढाई महीने में प्रशिक्षकों का चयन होना है। नवंबर से लेकर जनवरी तक चयनित प्रशिक्षक विद्यालयों में प्रतिदिन दो घंटे छात्राओं को प्रशिक्षण देंगे। इसके लिए प्रशिक्षक को मानदेय दिया जाएगा। बताया कि राजकीय हाईस्कूल और इंटर कॉलेज में प्रशिक्षकों का चयन होना है। जिससे छात्राओं को जूडो, कराटे जैसे पारंपरिक मार्शल आर्ट के साथ-साथ आपातकालीन स्थितियों में तत्काल प्रतिक्रिया और बचाव के गुर भी सिखाए जाएंगे। छात्राओं को विद्यालय आने में किसी तरह की दिक्कत समझ आए तो वह तत्काल महिला हेल्प लाइन का सहारा ले सकती हैं। निर्धारित स्थानों पर पुलिस जवानों की तैनाती बनी रहती है.
आपात स्थिति में भी डटकर सामाना करेंगी छात्राएं
ज्ञानपुर। जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि छात्राओं को खेल वाले दांव-पेच ही नहीं बल्कि आपात स्थिति में भी डटकर सामने करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। आपात स्थिति में डुपट्टा, बैग, चाभी, पेन और नोटबुक जैसे सामान्य चीजों का हथियार के रूप में कैसे उपयोग किया जाए यह प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें कक्षा छह से बारवीं तक की छात्राओं का चयन होता है। प्रशिक्षण लेने वाली छात्राओं का आत्मबल इतना बढ़ जाता है कि वह हर मुसिबत का डटकर सामना कर सकती हैं।


