Hindi NewsUttar-pradesh NewsBhadoni NewsChhath Puja Celebration in Bhadohi Faith and Festivity Amidst Nature Worship
डूबते सूर्य को दिया आस्थावानों ने अर्घ्य, मंगल की कामना

डूबते सूर्य को दिया आस्थावानों ने अर्घ्य, मंगल की कामना

संक्षेप: Bhadoni News - भदोही में डाला छठ पर्व को आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। महिलाओं ने गंगा नदी के किनारे डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ भक्ति गीतों की गूंज से माहौल भक्तिमय हो गया। पर्व का...

Tue, 28 Oct 2025 01:41 AMNewswrap हिन्दुस्तान, भदोही
share Share
Follow Us on

भदोही, संवाददाता। प्रकृति उपासना का महापर्व डाला छठ जिले में सोमवार को आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। गंगा नदी और जलाशयों के किनारे पहुंच कर महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य देने का काम किया। कालीन नगरी में शाम का नजारा ऐसा प्रतीत हो रहा था, जैसे धर्म की नगरी हो। उधर, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर डीएम शैलेष कुमार, एसपी अभिमन्यु मांगलिक जवानों के साथ मुस्तैदी संग डटे रहे। आलम यह रहा कि कांचहि बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाय. जैसे कई कर्ण प्रिय छठ गीतों के सामूहिक गान के मीठे स्वरों के साथ ही हवा पर धूप अगरबत्ती की फैलती सुगंध।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

कहीं अ‌र्घ्य के लिए सजे सूप और भरी दौरी लेकर गंगा घाट की ओर जाते व्रती तो कहीं उनकी सेवा के लिए तत्पर या इसमें जुटे भद्र नागरिक। महापर्व छठ के अवसर पर सोमवार को जनपद भर में अधिकांश नदी- सरोवरों के आस-पास के क्षेत्रों का प्राय: कुछ ऐसा ही ²दृष्य रहा। जिले के रामपुर, महर्षि वाल्मिकी गंगा घाट, ज्ञान सरोवर ज्ञानपुर, भदोही शहर के रजपुरा, जमुनीपुर कालोनी में आस्थावानों का जमघट सोमवार को चार बजे से लगना शुरू हो गया था। जिसका क्रम देर शाम तक बना रहा। सायं काल अर्ध्य की बेला होते ही अस्ताचल पर भगवान भुवन भास्कर जैसे असंख्य कंठों की श्रद्धा- पुकार पर ठिठक गए हों और स्वीकार करने लगे असंख्य व्रतियों का दान। बाजारों, नदियों के किनारे एवं जलाशयों पर दृश्य बहुत ही सुंदर नजर आ रहा था। छठ की महिमा निराली भदोही। छठ पर्व की महिमा निराली है। लोग उगते सूर्य को प्रणाम करने का मुहावरा अक्सर दुहराते हैं लेकिन इस पर्व में पहला अर्घ्य डूबते सूर्य को दिया जाता है। इसे लेकर तमाम मान्यताएं एवं कथाएं प्रचलित हैं। हालांकि चार दिन तक चलने वाले इस पर्व का समापन मंगलवार को उदयाचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के साथ हवन-पूजन करेंगे। उधर पर्व को लेकर सोमवार को शहर, बाजारों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक में ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर भक्ति गीतों के स्वर गूंजते रहे। 36 घंटे निर्जला व्रत का आज होगा समापन भदोही। धरती पर जीवन के आधार हैं सूर्य। उनकी उपासना का पर्व डाला छठ आज यानि मंगलवार को समाप्त होगा। गंगा नदी के रामपुर, सीतामढ़ी, ज्ञानपुर के ज्ञान सरोवर तालाब, शहर के जमुनीपुर कालोनी कृत्रिम तालाब समेत अन्य जलाशयों पर आस्थावान भोर में चार बजे के बाद पहुंच जाएंगे। जहां पर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर चार दिनी पर्व का समापन किया जाएगा। एक दूसरे को लगाया सिंदूर, सुहाग की कामना भदोही। महिलाओं ने जलाशयों में सोमवार को पूजन के बाद अखंड सौभाग्य की कामना की। एक दूसरे की मांग भरने के साथ ही भगवान भाष्कर से पति, बेटों के लंबी उम्री की कामना की। पूजन के दौरान परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। गंगा में की बैरिकेडिंग, गोताखोर रहे तैनात भदोही। महापर्व पर किसी प्रकार की अप्रिय घटना ना हो, इसे लेकर जिला प्रशासन ने पहले से ही तैयारियां की थीं। रामपुर, सीतामढ़ी गंगा घाट के साथ ही ज्ञान सरोवर एवं अन्य तालाबों पर बैरिकेडिंग किया गया था। इसके साथ ही वहां पर गोताखोरों की तैनाती पुलिस के जवानों संग थी। महिलाओं को ज्यादा पानी में जाने से रोकने का काम महिला पुलिस कर्मियों ने किया।