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भदोहीआजीविका का उपयुक्त स्त्रोत है मधुमक्खी पालन: मनोज

हिन्दुस्तान टीम,भदोहीPublished By: Newswrap
Tue, 25 May 2021 03:11 AM
आजीविका का उपयुक्त स्त्रोत है मधुमक्खी पालन: मनोज

ज्ञानपुर। संवाददाता

कोरोना काल में लगे लाकडाउन से बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। महानगरों में कामकाज बंद होने से प्रवासी घर आ गए हैं। निम्न व मध्यम वर्गीय परिवार के सामने आर्थिक तंगी की विकट समस्या खड़ी हो गई है। ऐसे में मधुमक्खी का लापन करना आजीविका का उपयाुक्त साबित होगा।

मधुमक्खी पालन कृषकों को कम लागत में ज्यादा मुनाफा देता है। रोग प्रतिरोध क्षमता बढ़ाने को सहद की मांग काफी बढ़ गई है। मधुमक्खी पालन एक ऐसा व्यवसाय है जिसे अपेक्षाकृत कम धन व कम श्रम से अच्छा फायदा मिलता है। मधुमक्खी पालन से मौन पालकों को मधु प्राप्त होता है। मधुमक्खियों के माध्यम से फसलों व औद्योगिक फसलों की अच्छी उपज होती है। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के फसल सुरक्षा विशेषज्ञ डा. मनोज पांडेय ने बताया कि भारतीय चिकित्सा पद्धति में मधु का विशेष महत्व है। क्योंकि इसमें रोगनाशक एवं स्वास्थवर्द्धक गुण पाए जाते हैं। यहीं कारण है कि मधुमक्खी पालन पर कृषि जगत अत्यधिक बल देता है। मौनक पालकों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक विधि अपनाने की जरुरत है।

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