सरसों की प्रजाति रुक्मणी का मना प्रक्षेप दिवस
Bhadoni News - भदोही के ककरियां गांव में कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा प्रक्षेप दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रगतिशील कृषक पन्नालाल बिंद ने सरसों प्रजाति रुक्मणी के खेती के बारे में जानकारी साझा की। विशेषज्ञों ने उचित खेती तकनीकों और सिंचाई के समय पर चर्चा की। कार्यक्रम में करीब 50 किसान शामिल हुए।

भदोही, संवाददाता।कृषि विज्ञान केंद्र, बेजवां द्वारा सोमवार को औराई विकासखंड के ककरियां गांव के प्रगतिशील कृषक पन्नालाल बिंद के खेत में प्रक्षेप दिवस कार्यक्रम मना। इस दौरान सरसों प्रजाति रुक्मणी पर प्रक्षेत्र दिवस मना। केंद्र के सह अध्यक्ष डा. विश्वेंदू द्विवेदी ने प्रक्षेत्र दिवस के महत्व को विस्तार से बताया। प्रगतिशील कृषक पन्नालाल बिंद ने बताया कि उक्त प्रजाति 25 अक्टूबर के पहले लगा देना चाहिए और बीज दर सात सौ ग्राम प्रति बीघा ही लगाएं। सिंचाई 15 दिसंबर से 15 जनवरी के बीच में कदापि ना करें। पहली सिंचाई 30 से 35 दिन के अंदर अवश्य कर दें। कृषि प्रसार विशेषज्ञ डा. आरपी चौधरी ने प्रदर्शित सरसों की प्रजाति रुक्मणी की विशेषताओं पर प्रकाश डाला।
कहा कि प्रति बीघा छह से सात कुंतल उपज होती है। पशु पालन विशेषज्ञ योगेश कुमार यादव ने किसानों से अगले वर्ष इसकी खेती ज्यादा से ज्यादा करने का आह्वान किया। इस मौके पर तारा चंद बैरवा, रामनाथ बिंद, दिनेश दुबे, संजय कुमार दुबे, प्रमोद कुमार गौड़, सेवालाल पाल, हीरावती देवी, रीता देवी, मंजू देवी समेत करीब 50 किसान रहे।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


