यूपी पंचायत चुनाव से पहले इन ग्राम पंचायतों में सामने आया लाखों का खेल, प्रधान और अधिकारी भी शामिल
यूपी पंचायत चुनाव से पहले बाराबंकी जिले की इन ग्राम पंचायतों में लाखों का खेल सामने आया है। इन दोनों पंचायतों में हुए लाखों रुपये के वारे न्यारे में सचिव, प्रधान समेत ब्लॉक के अधिकारियों की संलिप्तता रही। इस संबंध में सीडीओ ने दोबारा जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
यूपी पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच बाराबंकी जिले की शहावपुर और पिपरौली ग्राम पंचायतों में लाखों का खेल सामने आया है। यहां में सामग्री आपूर्ति करने वाले फर्म मालिक व उसके परिवार के तीन अन्य सदस्यों के नाम दो साल में मजदूरी के नाम पर करीब 19 लाख रुपये निकाले गए। जिसकी शिकायत हुई तो डीएम ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। जांच रिपोर्ट शिकायकर्ता को नहीं दी गई। इन दोनों पंचायतों में हुए लाखों रुपये के वारे न्यारे में सचिव, प्रधान समेत ब्लॉक के अधिकारियों की संलिप्तता रही। इस संबंध में सीडीओ ने दोबारा जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
बंकी ब्लॉक के ग्राम शहावपुर निवासी राकेश पाल ने शपथ पत्र पर डीएम से शिकायत की थी कि ग्राम पंचायत शहावपुर व पिपरौली के प्रधान व सचिव की मिली भगत से फर्म ठेकेदार अतीक व उसके परिवार के तीन अन्य सदस्यों के नाम पर दो साल में मजदूरी का करीब 19 लाख 42 हजार 328 रुपये भुगतान किया गया। यह भुगतान पांचवें व 15वें वित्त से किया गया। अतीक के नाम पर दोनों पंचायतों से वर्ष 2023-24 में 2 लाख 39 हजार 413 रुपये और 2024-25 में 4 लाख 88 हजार 819 रुपये भुगतान हुआ। इन दो सालों में कुल सात लाख 28 हजार रुपये की मजदूरी इन्हें दोनों पंचायतों से दी गई। एक समय में एक व्यक्ति को दो स्थानों पर काम करते दिखाया गया। मजदूरी में आखिर क्या कार्य इनके द्वारा किया गया कि इतनी मजदूरी बनी।
इसी तरह जनतुन्निशा के नाम दोनों पंचायतों से दो साल में 3 लाख 97 हजार रुपये, मेंहदीहसन को भी दो साल में इन पंचायतों से 5 लाख 89 हजार रुपये मजदूरी दी गई। वहीं रसीद के नाम वर्ष 2024-25 में दोनों पंचायतों से 2 लाख 27 हजार रुपये मजदूरी का भुगतान किया गया। साक्ष्यों समेत शिकायत हुई तो डीएम ने 17 जून 2025 को भूमि संरक्षण अधिकारी कुर्सी, सहायक अभियंता जलनिगम व जिला लेखा परीक्षा अधिकारी सहकारी समितियां व पंचायतें की टीम गठित कर जांच कर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी थी। जांच रिपोर्ट मांगे जाने पर अधिकारियों ने शिकायतकर्ता को जांच उपलब्ध नहीं कराई।
जीएसटी चोरी का भी आरोप: शिकायतकर्ता ने बीते पांच दिसंबर को बीडीओ बंकी को शिकायती पत्र देकर कहा था कि भारत इंटरप्राइजेज जिसके प्रोपराइटर मेहताब आलम हैं। यह फर्म कम्पोजीशन स्कीम में रजिस्टर्ड है। इस फर्म पर लाख रुपये लेबर व मटेरियल सप्लाई का भुगतान होता है। बिल व बुक पर फर्म मालिक ने श्री भारत से गलत प्रिंट करवा रखा है। इस पते पर उक्त फर्म संचालित नहीं है। दूसरी फर्म ब्रदर्स टे्रडर्स जिसके प्रोपराइटर अतीक हैं। आरोप है कि उक्त फर्म स्वामी द्वारा फर्जी बिल के जरिये आईटीसी का लाभ लेकर टैक्स चोरी की जा रही है। इन सभी का व्यौरा आनलाइन निकालकर जांच कराने की मांग की गई है।
बाराबंकी मुख्य विकास अधिकारी अ. सुदन ने बताया कि ग्राम पंचायत शहावपुर व पिपरौली में मजदूरी के नाम पर फर्म मालिक व उसके परिवारवालों के नाम लाख रुपये मजदूरी का भुगतान किए जाने और फमार्ें पर गलत बिल लगाकर भुगतान कराए जाने की शिकायत मिली है। इस संबंध में जांच कराई जाएगी। फर्जी भुगतान में जो भी संलिप्त मिलेंगे कार्रवाई की जाएगी।

लेखक के बारे में
Deep Pandeyदीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी टीम में हैं। दीप का डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव है। यूपी के लखनऊ और वाराणसी समेत कई जिलों में पत्रकारिता कर चुके हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखने का शौक है। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए हैं। सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं।
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