Hindi NewsUP NewsBefore the Magh Mela saints blocked roads and burnt effigies of officials due to lack of facilities
माघ मेला से पहले संतों का गुस्सा फूटा, सुविधा न मिलने पर चक्काजाम, अफसरों का पुतला फूंका

माघ मेला से पहले संतों का गुस्सा फूटा, सुविधा न मिलने पर चक्काजाम, अफसरों का पुतला फूंका

संक्षेप:

माघ मेला का पहला स्नान पर्व शनिवार को है लेकिन अब तक संतों को सुविधा नहीं मिल सकी है। प्रशासनिक उपेक्षा से नाराज कई अखाड़ों के साधु-संत गुरुवार को ओल्ड जीटी मार्ग स्थित कार्यालय पर पहुंचे और दरवाजा बंद कर वहीं चक्का जाम कर दिया।

Jan 02, 2026 11:46 am ISTPawan Kumar Sharma वरिष्ठ संवाददाता, प्रयागराज
share Share
Follow Us on

माघ मेला का पहला स्नान पर्व शनिवार को है लेकिन अब तक संतों को सुविधा नहीं मिल सकी है। प्रशासनिक अफसर फोन उठा नहीं रहे हैं तो संतों के सब्र का बांध गुरुवार को टूट गया। प्रशासनिक उपेक्षा से नाराज कई अखाड़ों के साधु-संत गुरुवार दोपहर बाद ओल्ड जीटी मार्ग स्थित सेक्टर छह के कार्यालय पर पहुंचे और कार्यालय का दरवाजा बंद कर वहीं चक्का जाम कर दिया। मनाने के लिए पुलिस के अफसर पहुंचे तो संतों ने उन्हें बैरंग लौटाया और मंडलायुक्त, जिलाधिकारी या मेलाधिकारी को बुलाने की मांग रखी। नाराज संतों ने मेला प्रशासन के अफसरों का पुतला भी फूंका।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

पहला स्नान पर्व तीन जनवरी को है। लेकिन अभी मेला क्षेत्र में काम पूरा नहीं हो सका है। कई संस्थाओं के शिविर तक नहीं लगे हैं। प्रदर्शनकारी संतों ने आरोप लगाया कि प्रशासन सारा काम एक ही संस्था से करा रहा है, जबकि उसके पास संसाधन नहीं है। मेले की तैयारियों में जब देर हुई तो सुविधा देने वाली एजेंसियों को बढ़ाना चाहिए था और उनके ऊपर काम बांटने चाहिए थे। इसके साथ ही अफसरों पर यह भी आरोप लगाया कि पहले जमीन देने में देर की और अब सुविधा नहीं दे रहे हैं। अधिकारी एक संत के यहां जाकर रोटियां सेंक रहे हैं और दूसरे साधु-संतों को ऐसे छोड़ दिया है कि मेला से उनका कोई सरोकार नहीं है।

ये भी पढ़ें:महाकुंभ में जगह मिली, तो इस बार माघ मेले में ऐतराज क्यों: अखिलेश यादव

संतों ने कहा कि जो लोग कहते हैं कि मेला पैंट वालों का नहीं है वो हमें देखें, हम भी पैंट वाले नहीं हैं। इसके बाद भी परेशान किया जा रहा है। इस दौरान सेक्टर छह के सेक्टर मजिस्ट्रेट हंसराज जैसवार ने वार्ता का प्रयास किया तो संत नारेबाजी करने लगे और उनसे कहा कि अव्यवस्था के लिए वो भी कम जिम्मेदार नहीं हैं। प्रदर्शन करने वालों में जूना अखाड़े के थानापति अभेद्ययानंद गिरि, निरंजनी अखाड़े के गोपालानंद गिरि, आवाहन अखाड़े के महंत विनय गिरि, दिगंबर गोविंद भारती, महंत प्रणवदास, शृंग्वेरपुर से लवलेशानंद मौजूद थे।

संवादहीनता आक्रोश का बड़ा कारण

संतों के आक्रोश का बड़ा कारण संवादहीनता बन गया है। दरअसल, अफसर किसी का भी फोन नहीं उठा रहे हैं। वहीं पिछले दिनों मेला प्राधिकरण कार्यालय में आत्मदाह के प्रयास के बाद लाल सड़क के सामने मेला प्रशासन का जो स्थायी कार्यालय है, वहां पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और आम नागरिकों को पुलिस प्रवेश ही नहीं करने दे रही है। ऐसी स्थिति में परेशान संतों को इस बात की नाराजगी है कि वो अपनी बात कहें तो किससे कहें। त्रिवेणी मार्ग पर प्रशासन का अस्थायी कार्यालय भी अब तक नहीं बन सका है। यही बढ़ते आक्रोश का कारण है।

Pawan Kumar Sharma

लेखक के बारे में

Pawan Kumar Sharma
"पवन कुमार शर्मा पिछले 3 साल से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। पवन अभी हिन्दुस्तान अख़बार की वेबसाइट Livehindustan.com में काम कर रहे हैं। इससे पहले ABP News में बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाएं और टूरिज्म पर लिखते हैं। पवन ने दिल्ली के भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले कानपुर के क्राइस्ट चर्च कॉलेज से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया था।" और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करे| पाएं Lucknow news , Prayagraj News , Varanasi News , Gorakhpur News , Kanpur News , Aligarh News से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में |