कस्तूरबा की छात्राओं का शिकायती लेटर वायरल, होगी जांच
Basti News - बस्ती जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्राओं का शिकायती-पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। पत्र में वार्डेन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बीएसए अनूप कुमार तिवारी ने कहा है कि उन्हें कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है और मामले की जांच की जा रही है।

बस्ती, निज संवाददाता जिले में स्थित एक कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्राओं का एक शिकायती-पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि इस पत्र में किसी छात्रा का नाम अंकित नहीं है। लेकिन 16 पन्नों में लिखे गए शिकायती पत्र में संबंधित कस्तूरबा की वार्डेन पर गई आरोपी चस्पा किए गए हैं।
शिकायत की सत्यता
‘हिन्दुस्तान’ समाचार पत्र वायरल लेटर की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। इस संबंध में पूछे जाने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनूप कुमार तिवारी ने बताया कि उन्हें इस तरह कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे शिकायती पत्र के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। जांच कर सत्यता का पता लगाया जाएगा।
आरोपों का विवरण
स्कूल वाली कॉपी के पेज पर लिखे गए शिकायती पत्र में कहा गया है कि कस्तूरबा में लाइट चले जाने पर इन्वर्टर की व्यवस्था है। लेकिन इर्न्वटर को बचाने के लिए उनके कमरों में लगा पंखा बंद कर दिया जाता है। इसी तरह पाइपलाइन के माध्यम से जलापूर्ति का प्रबंध है। लेकिन टंकी के पानी को नहाने में प्रयोग न करने की हिदायत दी जाती है। इसके अलावा पिटाई करने समेत अन्य कई आरोप भी लगाए हैं।
अभिभावकों की अनुमति
शिकायती-पत्र में छात्राओं ने कहा है कि कस्तूरबा विद्यालय पर अगर हमारे अभिभावक आते हैं तो उन्हें अंदर नहीं आने दिया जाता है। जबकि मैडम के परिवार के सदस्य आते-जाते हैं। उन पर कोई रोक नहीं है। छात्राओं ने सत्यता की जांच कराकर उचित कार्रवाई की मांग की है। इस बारे में बीएसए का कहना है कि पत्र की सत्यता को जांचने के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकता है।
अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न
कृपया अपने अनुभव को रेट करें
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


