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 2000 आबादी वाले गांवों तक पहुंचेगा रोडवेज

2000 आबादी वाले गांवों तक पहुंचेगा रोडवेज

संक्षेप:

Basti News - बस्ती जिले के घनी आबादी वाले गांवों में परिवहन निगम ने बस सेवा उपलब्ध कराने के लिए सर्वे शुरू किया है। 2000 से अधिक आबादी वाले गांवों की पहचान की जाएगी और नए रूट तैयार किए जाएंगे। इससे ग्रामीणों को सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा की सुविधा मिलेगी।

Dec 11, 2025 02:22 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बस्ती
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बस्ती। जिले के घनी आबादी वाले गांवों में वर्षों से चली से रही परिवहन निगम की बस नहीं रूकने की समस्या को दूर करने की पहल की गई है। शासन के निर्देंश पर परिवहन निगम ने 2000 से आबादी से वाले बड़े गांवों का सर्वें शुरू करने का फरमान जारी किया गया है। रोडवेज प्रशासन ने बड़ी आबादी वाले गांवों को खोजने के लिए रूपरेखा तैयार कर ली गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है बड़े गांवों में परिवहन सेवा यात्रियों को सुचारू रूप से जोड़ा जा सके। इसके लिए टीम गाठित कर दी गई है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक गोरखपुर ने बस्ती, संतकबीरनगर के 2000 आबादी वाले बड़े गांवों में परिवहन सेवा से जोड़ने के लिए मार्गों का सर्वे कर आख्या मांगी है।

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एआरएम आयुष भटनागर ने बताया जिले के बस्ती, संतकबीरनगर जिले के घनी आबादी वाले गांवों को रोडवेज सेवा मुहैया कराने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक के निर्देश पर परिवहन निगम ने 2000 से अधिक आबादी वाले गांवों का सर्वे शुरू कर दिया है। टीम गांवों में पहुंचकर मौजूदा परिवहन सुविधाओं, यात्रियों की संख्या और बस आवाजाही की स्थिति का आकलन कर रही है। इसी आधार पर नए रूट निर्धारित किए जाएंगे। जिले में कई ऐसे गांव हैं, जहां घनी आबादी होने के बावजूद न तो बस स्टॉप हैं और न ही रोडवेज बसें आती जाती है। ग्रामीणों को शहर आने-जाने के लिए पहले दूसरे रूट की बस पकड़नी पड़ती है, फिर ऑटो या निजी वाहन से आते-जाते हैं। खासकर देर रात घर लौटने पर महिलाओं और बुजुर्गों को सुरक्षा को लेकर भय बना रहता है। परिवहन सेवा ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू होने से लोगों को सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा की सुविधा मिल सकेगी। इस बाबत एआरएम आयुष भटनागर ने बताया कि शासन ने परिवहन निगम की सेवा से सेवित और असेवित गांवों की सूची मांगी है। निगम की ओर से पहले चरण में उन स्थानों की पहचान की जाएगी, जहां तक वर्तमान में बसें नहीं पहुंचतीं हैं। दूसरे चरण में 2000 से अधिक आबादी वाले गांवों का विस्तृत सर्वे किया जाएगा। तीसरे चरण में 10 से 20 गांवों को जोड़ते हुए नए रूट तैयार किए जाएंगे, जिन पर रोडवेज की नई बसें संचालित की जाएंगी। --- बस्ती, संतकबीरनगर के बड़े गांवों में भी होगा सर्वें अमोढ़ाखास, बैरागल, अमौली, अईलकला, बांसगांव, जगनाथपुर, जगदीशपुर माफी, बस्ती, अगई बाघाड़, भरौली, हटवा, महुआ डाबर, केसराई और संतकबीरनगर में जंगलऊॅन, बरया माफी, सिसवां दखिली, उसरा शहीद, पटखौली, गोरयाभार, अगया, मुखलिसपुर, बड़गो, भिटनी दुधौरी उर्फ नाथनगर, दानव कुइंया, महुआरी सहित अन्य बड़े गांवों में परिवहन सेवा शुरू करने के लिए रूट का सर्वें किया जाएगा।