
बिजली विभाग की लापरवाही से गई मासूमों की जान
Basti News - बस्ती के पचपेड़िया रोड पर दो बच्चों की करंट की चपेट में आकर मौत हो गई। ये बच्चे कूड़ा बीनने के लिए एक खाली प्लॉट में गए थे, जहां पर पानी में करंट था। बिजली विभाग ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया, जबकि केबल का रखरखाव उनकी जिम्मेदारी है।
बस्ती। पुरानी बस्ती थानाक्षेत्र के पचपेड़िया रोड पर करंट की चपेट में आकर दो मासूमों की मौत के लिए प्रथम दृष्टया बिजली विभाग जिम्मेदार है। कूड़ा बीन कर परिवार का पेट भरने वाले मासूम एक खाली प्लॉट में घुसे थे। उनको यह नहीं मालूम था कि वह जहां जा रहे हैं, वहां पर करंट उतर रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सर्विस केबल जमीन पर पसरे पानी में गिरा हुआ था। केबल कटा होने के कारण पानी में करंट उतर रहा था। नियमानुसार पोल से मीटर तक आने वाले केबल के अनुरक्षण की जिम्मेदारी बिजली विभाग की होती है। विभाग इसे उपभोक्ता की जिम्मेदारी मानते हुए अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लेता है।
शहर से लेकर गांव तक रेवड़ियों की तरह बिजली विभाग की ओर से कनेक्शन बांट दिए गए हैं। उस हिसाब से न तो पोल लगाए गए और न ही तार खींचा गया। विभागीय नियमानुसार पोल से 40 मीटर की दूरी तक ही बिजली का कनेक्शन दिया जा सकता है। इसके विपरीत 100-200 मीटर की दूरी तक बिना पोल के कनेक्शन दे दिए गए हैं। शहर से सटे नई कालोनियां का बुरा हाल है। लंबे-लंबे केबल के सहारे लोगों के घरों तक कनेक्शन तो पहुंचा दिया गया लेकिन विभाग ने इसके बाद इसकी सुधि नहीं ली। हालत यह है कि अनेक मोहल्लों में केबल जमीन पर झूलता हुआ नजर आ जाएगा। पुराना होने के बाद केबल कट जा रहा है, उसे असुरक्षित तरीके से जोड़ कर काम चलाया जा रहा है। उसकी चपेट में आकर आए दिन घुमंतु जानवर मौत का शिकार हो रहे हैं। अक्सर इसकी चपेट में बच्चे, बुजुर्ग व राहगीर भी हो जा रहे हैं। 33 केवी विद्युत उपकेंद्र बजहा के जिगिना फीडर से जुड़े लगुनही गांव में पांच अगस्त 2025 को कटे हुए सर्विस केबल की चपेट में आकर एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई थी। इस मामले में बिजली विभाग ने सर्विस केबल के अनुरक्षण की जिम्मेदारी उपभोक्ता की बताते हुए अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लिया था। बाद में विद्युत सुरक्षा विभाग की ओर से की गई जांच में सहायक निदेशक बस्ती जोन ब्रजेश यादव ने हादसे के लिए बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराते हुए क्षतिपूर्ति अदा करने का आदेश दिया था। सहायक निदेशक का कहना था कि सर्विस केबल के अनुरक्षण की जिम्मेदारी बिजली विभाग की होती है। पचपेड़िया रोड पर हुए हादसे की भी जांच अगर विद्युत सुरक्षा विभाग से कराई गई तो सच्चाई सामने आ सकती है।

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