सहायक आयुक्त स्टांप के नोटिस पर टोल कंपनियों में हड़कंप

Newswrap हिन्दुस्तान, बस्ती
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Basti News - बस्ती। जनपद में संचालित तीन प्रमुख टोल प्लाजा के अनुबंध-पत्रों का समय से नवीनीकरण

सहायक आयुक्त स्टांप के नोटिस पर टोल कंपनियों में हड़कंप

बस्ती। जनपद में संचालित तीन प्रमुख टोल प्लाजा के अनुबंध-पत्रों का समय से नवीनीकरण नहीं कराए जाने के मामले में स्टांप विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सहायक आयुक्त स्टांप ने संबंधित टोल संचालक कंपनियों को नोटिस जारी कर आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। नोटिस जारी होने के बाद टोल कंपनियों में हलचल बढ़ गई है और दस्तावेजों को दुरुस्त करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

कंपनियों को नोटिस जारी

जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि संबंधित कंपनियों के अनुबंध-पत्रों की वैधता अवधि समाप्त हो चुकी है, जबकि उनका नवीनीकरण निर्धारित समय सीमा के भीतर नहीं कराया गया। इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए विभाग ने स्पष्टीकरण तलब किया है। सहायक आयुक्त स्टांप कार्यालय की ओर से जारी नोटिस में कंपनियों से अनुबंध-पत्र, नवीनीकरण से संबंधित अभिलेख तथा स्टांप शुल्क से जुड़े दस्तावेज निर्धारित अवधि के भीतर उपलब्ध कराने को कहा गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अभिलेखों की जांच के बाद आवश्यक होने पर बकाया स्टांप शुल्क एवं जुर्माने की वसूली की कार्रवाई भी की जा सकती है।

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टोल कंपनियों के ऊपर है बकाया

पिछले टोल कंपनियों पर 13.37 करोड़ का स्टांप है बकाया

कंपनियों ने किया एग्रीमेंट का पालन नहीं

किसी टोल कंपनी ने नहीं किया एग्रीमेंट का पालन

टोल कंपनियों का नाम और बकाया धनराशि

बस्ती में इन कंपनियों पर है बकाया (वित्तीय वर्ष 2025-26 तक)

टोल कंपनी का नाम बकाया धनराशि

मेसर्स प्रकाश अस्फलाटिंग एंड टोल हाईवे 6.68 करोड़

शिवा कॉरपोरेशन इंडिया लिमिटेड 2.52 करोड़

सुनील जिंदल 3.29 करोड़

मनोज कुमार बंसल 0.86 करोड़

विभिन्न टोल कंपनियों का वाद डीएम न्यायालय में विचाराधीन है। निर्णय आने के बाद संबंधित टोल कंपनी से वसूली की कार्रवाई की जाएगी। रही बात नई टोल कंपनी का तो टोल कंपनी ने भी निबंधन कार्यालय में एग्रीमेंट किए बिना टोल की वसूली हो रही है। जिसमें टोल प्लाजा व संग्रह केंद्र अक्सड़, मड़वानगर और चौकड़ी को नोटिस देकर संबंधित अनुबंध-पत्र की मांग की गई है। अनुबंध-पत्र मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

- देवेन्द्र कुमार, सहायक महानिरीक्षक निबंधन

मुख्य प्रश्न

क्या कारण है कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया में तेजी आने का?
कंपनियों के अनुबंध-पत्रों की वैधता अवधि समाप्त हो चुकी है और उनका नवीनीकरण समय सीमा के भीतर नहीं किया गया है जिसे विभाग गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए स्पष्टीकरण की मांग कर रहा है।

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