हृदय रोग, पैरालिसिस और सांस के बढ़े मरीज
Basti News - बस्ती। जिले में कड़ाके की ठंड और गलन ने जनजीवन के साथ-साथ लोगों के

बस्ती। जिले में कड़ाके की ठंड और गलन ने जनजीवन के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। तापमान में अचानक आई गिरावट के कारण जिले के अस्पतालों में मरीजों का तांता लगा हुआ है। महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज से संबद्ध ओपेक चिकित्सालय कैली की इमरजेंसी और ओपीडी में हृदय रोग, पैरालिसिस और सांस लेने में तकलीफ की शिकायतों वाले मरीजों की भीड़ देखी जा रही है। अस्पताल के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रजत पांडेय के अनुसार, ठंड बढ़ने के बाद से इमरजेंसी वार्ड में प्रतिदिन 25 से 30 मरीज हार्ट अटैक, पैरालिसिस और सीने में दर्द जैसी गंभीर समस्याओं के साथ पहुंच रहे हैं।
स्थिति गंभीर होने पर कई मरीजों को उच्च केंद्रों के लिए रेफर भी किया जा रहा है। शुक्रवार को धूप निकलने के बावजूद ओपीडी में लगभग 300 मरीज इलाज के लिए पहुंचे, जिनमें अधिकांश बुखार, पेट दर्द और सांस की समस्या से पीड़ित थे। चिकित्सकों का कहना है कि अत्यधिक ठंड के कारण शरीर की रक्त धमनियां सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्तचाप (बीपी) बढ़ जाता है। यही कारण है कि हृदय घात और लकवा की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। साथ ही, फेफड़ों में सिकुड़न के कारण सांस फूलने, घबराहट और धड़कन बढ़ने की शिकायतें आम हो गई हैं। डॉक्टर रजत पांडेय ने बताया कि बदलते खानपान और तनाव के बीच वातावरण से सामंजस्य न बैठ पाना बीमारी का मुख्य कारण है। बीपी और शुगर के मरीज अपनी दवाओं का सेवन समय पर करें। शरीर को पूरी तरह ढक कर रखें और अनावश्यक बाहर न निकलें। सीने में दर्द या भारीपन महसूस होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
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