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28 नवंबर, 2020|12:59|IST

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सरयू का रौद्र रूप देख शुरू हुई पूजा, जुटे इंजीनियर

सरयू का रौद्र रूप देख शुरू हुई पूजा, जुटे इंजीनियर

सरयू नदी का जल स्तर बढ़ते-बढ़ते मंगलवार को खतरे के निशान से 28 सेमी ऊपर पहुंच गया। नदी का रौद्र रूप देख तटवर्ती गांवों के ग्रामीण पलायन करने लगे हैं। वहीं बाढ़ खंड व अन्य विभागों के बड़े इंजीनियर मौके पर पहुंच कर सरयू नदी को मनाने के लिए पूजा-पाठ भी शुरू कर दिए हैं। प्रमुख अभियंता बाढ़ एके सिंह व मुख्य अभियंता गंडक आलोक जैन ने तटबंध किनारे पूजा-अर्चना की।

प्रमुख अभियंता ने पहुंच कर लिया जायजा

कोहराएं। सरयू नदी के जलस्तर को बढ़ता देख विक्रमजोत ब्लॉक क्षेत्र के सैकड़ों किसान जिनके खेत नदी व माझा क्षेत्र में हैं, वहां से अब पलायन कर घर-गृहस्थी का सामान लेकर पैतृक घरों को लौटने लगे हैं। मंगलवार को दिन में करीब दो बजे सरयू नदी का जलस्तर 92.960 मीटर रहा, जो कि खतरे के निशान से 28 सेमी ऊपर है। नदी का पानी बाघानाला में गांव से सट चुका है, तो कल्यानपुर गांव चारों ओर से मैरुंड हो चुका है। बाढ़ का पानी कल्यानपुर-फूलडीह मुख्यमार्ग के ऊपर से होकर बह रहा है। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

नदी की उफान देख तटवर्ती गांवों की बढ़ी चिंताएं

दुबौलिया। सरयू नदी का जलस्तर लगातार खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण तटवर्ती गांवों के ग्रामीणों की समस्याएं बढ़ने लगी हैं। बाढ़ चौकियों को चौबीस घंटे के लिए सक्रिय कर दिया गया है। बाढ़ खंड लगातार संवेदनशील स्थलों पर मरम्मत करने में जुटा हुआ है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार नदी का जलस्तर एक सेंटीमीटर प्रति घंटा के हिसाब से बढ़ रहा है। यही कारण रहा कि मंगलवार को दो बजे नदी का जलस्तर 92.960 रिकार्ड किया गया। जो खतरे के निशान 92.730 से बहुत अधिक है। सुविखा बाबू गांव पूरी तरह से पानी से घिर गया है। लोग जरूरी कार्य के लिए नाव से ही निकल रहे हैं। जिले के अति संवेदनशील तटबंध कटरिया-चांदपुर में नदी का दबाव तेजी से बन रहा है। बाढ़ खंड मजदूरों को लगाकर बोल्डर लगाने में जुटा हुआ है। बैठे हुए ठोकर नंबर एक कटरिया पर भी मरम्मत कार्य जारी है। जेई स्वपनिला श्रीवास्तवा ने बताया कि तटबंध पर दबाव बना है लेकिन खतरे की कोई बात नहीं है, क्षतिग्रस्त स्थलों पर मरम्मत कार्य तेजी से जारी है।

नहर कटने से गांव में घुसा पानी, फसल डूबी

बभनान। बस्ती-गोंडा की सीमा पर नहर कटने से सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई है। वहीं नहर का पानी अब गांव में घुस रहा है। जिससे जनजीवन पर खतरा मंडराने लगा है। दोनों जिलों की सीमा पर छपिया ब्लॉक के ढढौवा-मेहनिया में नहर कटने के कारण बस्ती जिले के सलहदीपुर व गोंडा के पिपरा खुर्द, बेलहरी, खुरदी मेहनिया व महरागौरा गांव जलमग्न हो गया है। लेखपाल रामचरन के मुताबिक बाढ़, सिंचाई और सरयू नहर परियोजना के अधिशासी अभियंताओं को नहर के कटने की सूचना दी गई है।

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  • Web Title:Pooja started seeing Saryu 39 s form of rage engineer engaged