14 दिन के लिए जेल भेजा गया आरके आरतियन
Basti News - बस्ती में भारत मुक्ति मोर्चा के जिलाध्यक्ष आरके आरतियन को पुलिस ने शांतिभंग की आशंका में गिरफ्तार किया। उन्होंने ब्राह्मण समाज के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया था। उनके समर्थकों के साथ आक्रोशित होकर चिल्लाने से शांति व्यवस्था भंग होने की संभावना बनी। उन्हें 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

बस्ती। भारत मुक्ति मोर्चा जिलाध्यक्ष आरके आरतियन को पुलिस ने शांतिभंग की आशंका में गिरफ्तार कर लिया। उसने ब्राह्मण समाज के विरूद्ध अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया था। कोतवाल दिनेश चंद्र चौधरी ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर मुकदमे में आरोपी आरके आरतियन उर्फ रामू निवासी पतिला बेलघाट थाना कप्तानगंज को पूछताछ के लिए रविवार को थाना कोतवाली पर लाया गया। जिनके कुछ समर्थक भी थाना गेट पर मौजूद थे। जिनको देखकर आरोपी आरके आरतियन आक्रोशित होकर तेज-तेज चिल्लाने लगे। जिससे शांति व्यवस्था भंग होने की प्रबल सम्भावना उत्पन्न हो गई। शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए आरोपी गिरफ्तारी का कारण बताकर थाना गेट से सोमवार शाम करीब पौने सात बजे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपी एसडीएम कोर्ट में पेश किया। यहां से 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में उसे जेल भेज दिया गया। बता दें कि प्रकरण में गत तीस अक्तूबर को राष्ट्रीय ब्राम्हण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष प्रशांत पांडेय, जिलाध्यक्ष नवीन दूबे के नेतृत्व में विभिन्न संगठनों के लोग व काफी संख्या में ब्राम्हण समाज के लोग कोतवाली पर एकत्र हुए और कार्रवाई के लिए तहरीर दी और गिरफ्तारी की मांग की थी। कोतवाली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मोर्चा के जिलाध्यक्ष आरके आरतियन व विवादित बयान को वायरल करने के आरोपी बहुजन नायक के अमरजीत आर्या के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। आपत्तिजनक बयान सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था। ‘हिन्दुस्तान’ सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। रविवार को पुलिस ने आरोपी आरके आरतियन को शांतिभंग की आशंका में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में एसआई राम अशोक यादव, सुरेन्द्र प्रसाद और अनुनय सोमवंशी शामिल रहे।

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