आबादी तो बढ़ी पर नहीं बढ़ाई गई थानों की संख्या
संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में जनसंख्या के मानक के हिसाब से काफी

संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में जनसंख्या के मानक के हिसाब से काफी कम थाने हैं। वहीं थानों से गांवों की दूरी अधिक होने से घटना घटित होने पर पुलिस टीम को पहुंचने में जहां अधिक समय लगता है, वहीं अधिक दूरी और समय खर्च कर थानों पर जाना फरियादियों की मजबूरी है। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व ऑडिट टीम ने भी अपनी रिपोर्ट में ऐसा माना है। डीजीपी मुख्यालय के साथ ही शासन को भी अपनी रिपोर्ट से अवगत भी करा चुकी है। वहीं 04 नए थानों की फाइल शासन में स्वीकृति के लिए अटकी हुई है।
थानों की स्थापना की आवश्यकता
करीब 21 लाख की आबादी वाले संतकबीरनगर जिले में तीन विधान सभा क्षेत्र खलीलाबाद, मेंहदावल और धनघटा शामिल हैं। जिसकी सुरक्षा के लिए जिले में महिला थाना समेत नौ थाने स्थापित हैं। वर्ष 1997 में संतकबीरनगर जिला अस्तित्व में आया, लेकिन लगभग सवा दो सौ गांव ऐसे थे, जिनके राजस्व संबंधी काम जिले से होते थे, मगर पुलिस संबंधी कार्य बस्ती और सिद्धार्थनगर जिले से होते थे। वर्ष 2008 में तत्कालीन एसपी सुग्रीव गिरि की पहल से गैर जिले के थानों से जुड़े वे सभी गांव जनपद में शामिल हो गए। उसके बाद थानों में गांवों की संख्या और आबादी का भार और बढ़ गया। थानों से तमाम गांवों की दूरी भी बढ़ी और घटना होने पर समय से थानों पर फरियादी के पहुंच पाने या फिर सूचना पर समय से पुलिस के पहुंचने की समस्या बरकरार है। वर्ष 2008 में ही तत्कालीन एसपी सुग्रीव गिरि ने जिले में पांच नए थाने स्थापित किए जाने का प्रपोजल शासन को भेजवाया था। जिसमें वर्ष 2019 में प्रस्तावित नया थाना बेलहर की मंजूरी शासन से मिली थी। जबकि चार नए प्रस्तावित थाने पौली, लोहरैया, काली जगदीशपुर और कांटे की फाइल शासन में अटकी है।
आबादी और थानों का आंकड़ा
यदि थानों में गांवों की संख्या और आबादी का भार देखा जाए तो धनघटा थाने में कुल 326 गांव हैं। आबादी भी करीब साढ़े तीन लाख के आस-पास है। पुलिस बल की संख्या सीमित है और बल की कमी की वजह से नए मानक के अनुसार पुलिस कर्मियों की तैनाती भी नहीं है। अपराध के दृष्टिकोण से भी जनपद संवेदनशील है। उसमें खास कर धनघटा थाना है। जिसके दक्षिण में घाघरा नदी है, जो अंबेडकरनगर, आजमगढ़, गोरखपुर, बस्ती जनपद की सीमा को छूता है। अपराधियों के लिए दियारा का इलाका काफी महफूज माना जाता है। धनघटा थाने का काट कर दो नए थाने पौली और लोहरैया को नया थाना बनाए जाने का प्रपोजल है। पौली और लोहरैया वाच एंड वाच चौकी भी है। महुली थाने में भी करीब 200 गांव है। इस थाने के हिस्से को काट कर काली जगदीशपुर में भी नया थाना बनना है। कोतवाली खलीलाबाद के कांटे चौकी को थाना बनाया जाना है। जबकि ऐतिहासिक स्थल मगहर भी नया थाना बनाए जाने की मांग उठ रही है।
थानों की कमी की स्थिति
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शहर में 03 और देहात में होने चाहिए 18 थाने
ऑडिट रिपोर्ट की रिपोर्ट के मुताबिक 2011 के जनगणना के अनुसार संतकबीरनगर में शहरी क्षेत्र में 01 लाख 28 हजार 531 जनसंख्या रही है। जबकि शहर क्षेत्र में 50 हजार की जनसंख्या पर थाना होने का मानक है। ऐसे में मानक के अनुसार शहर क्षेत्र में 03 थाने होने चाहिए और वर्तमान में दो थाने स्थापित हैं और एक थाने की कमी है। इसी तरह ग्रामीण में 15 लाख 86 हजार 665 जनसंख्या रही है। देहात में 90 हजार की जनसंख्या पर थाना होने का मानक है। मानक के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्र में 18 थाने होने चाहिए और 07 थाने स्थापित है। ग्रामीण क्षेत्र में 11 थानों की कमी है।
अपराध के आंकड़े
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अपराध के आंकड़े भी दे रहे संकेत
सीसीटीएनएस के अनुसार बस्ती रेंज में दर्ज प्रथम सूचना रिपोर्ट पर गौर करें तो वर्ष 2025 में बस्ती जनपद में 4821 एफआईआर दर्ज हुई थी। जबकि सिद्धार्थनगर में 3679 और संतकबीरनगर में 4396 एफआईआर दर्ज हुई थी। जबकि बस्ती में 17 थाने, सिद्धार्थनगर में 21 थाने और संतकबीरनगर में सिर्फ 09 थाने हैं। संतकबीरनगर में थानेवार दर्ज एफआईआर को देखते तो सिर्फ कोतवाली खलीलाबाद में 1216 एफआईआर दर्ज की गई थी। धनघटा में 676 और महुली में 508 एफआईआर दर्ज की गई थी। शेष मुकदमे अन्य थानों में दर्ज हुए थे। जबकि वर्ष 2026 में अब तक 2320 एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इसमें कोतवाली में 555, धनघटा में 437 और महुली में 267 एफआईआर दर्ज हुई है। दुधारा में 268, धर्मसिंहवा में 70, बखिरा में 250, बेलहर में 179, मेंहदावल में 258 और महिला थाने में 28 एफआईआर दर्ज हो चुके हैं।
एसपी संदीप कुमार ने कहा कि मीना जिले में मानक के मुताबिक चार नए थानों का प्रस्ताव तैयार करा कर शासन को भेजा जा चुका है। नए थानों की स्थापना की दिशा में पूरी पहल की जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही शासन स्तर से नए थानों के बनने की मंजूरी मिल जाएगी।
विधायक धनघटा गणेश चंद्र चौहान ने कहा कि नए थानों की स्थापना की दिशा में प्रयास जारी है। इसके साथ शासन में पैरवी शुरू कर दिए हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ से भी मिल कर नए थानों की महत्ता को बताते हुए स्वीकृति दिलाने की मांग की है। पूरी उम्मीद है कि नए थानों की स्वीकृत जल्द ही मिल जाएगी।
सामान्य प्रश्न
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