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29 जनवरी, 2020|2:49|IST

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20 घंटे बाद चालू हुआ लखनऊ-गोरखपुर डाउन ट्रैक

20 घंटे बाद चालू हुआ लखनऊ-गोरखपुर डाउन ट्रैक

बस्ती रेलवे स्टेशन के पास लखनऊ-गोरखपुर डाउन ट्रैक पर बुधवार की रात बेपटरी हुई मालगाड़ी की पांच बोगियों को हटाने में रेल प्रशासन को 20 घंटे लग गए। शाम सवा छह बजे गोरखपुर से दिल्ली को जाने वाली वैशाली सुपरफास्ट को कॉशन पर आगे बढ़ाया गया। वैशाली के सकुशल गुजरने के बाद रेल अधिकारियों ने राहत की सांस ली। वहीं ट्रैक बाधित रहने के चलते दो ट्रेनों का संचालन निरस्त कर दिया गया तो पांच ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया गया। एक दर्जन गाड़ियों का संचालन ठहराव कर किया गया।

बुधवार की रात 10.05 पर रीवा मध्य प्रदेश से सीमेंट लेकर बस्ती रेलवे स्टेशन आ रही मालगाड़ी की पिछले हिस्से की पांच बोगी पांडेय बाजार रेलवे क्रासिंग पार करते ही एक-एक कर बेपटरी (डिरेल) हो गई। तीन डिब्बे तो पूरी तरह पलट गए। ट्रैक किनारे जमीन दलदली होने के चलते हजारों टन वजनी डिब्बे धंस गए। एक्सेल टूटने के साथ ही पहिया टूट कर अलग हो गया था।

कंट्रोल रूम होते हुए सूचना अधिकारियों को मिली तो हड़कंप मच गया। रात करीब एक बजे गोरखपुर मुख्यालय से एआरटी और महाबली क्रेन पहुंची। आधा दर्जन अधिकारियों और आरपीएफ की निगरानी में राहत कार्य शुरू हुआ। गुरुवार की सुबह तक तीन डिब्बों को पटरी से हटाया गया तो शेष दो डिब्बों को अपराह्नन तीन बजे तक हटाया जा सका।

इसके बाद करीब सौ मीटर तक ध्वस्त हो चुकी रेल पटरी के साथ ही एचटी इलेक्ट्रिक वॉयर को दुरुस्त करने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया गया। अंतत: शाम करीब छह बजे ट्रैक सही हुआ तो सवा छह बजे वैशाली सुपरफास्ट को कॉशन पर लखनऊ की तरफ डाउन ट्रैक से आगे बढ़ाया गया। मौके पर डीआरएम लखनऊ मोनिका अग्निहोत्री, सीनियर डीईएन सुमित कुमार वत्स व सीनियन एईएन विवेकनंदन, आरपीएफ इंस्पेक्टर नरेंद्र यादव समेत अन्य मौजूद रहे।

शाम साढ़े चार बजे पहुंचीं डीआरएम

मरम्मत कार्य का जायजा लेने एनईआर लखनऊ मंडल की डीआरएम मोनिका अग्निहोत्री गुरुवार शाम साढ़े चार बजे बस्ती रेलवे स्टेशन पर पहुंची। वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर व अन्य आदि अधिकारियों के साथ राहत कार्य की समीक्षा किया। डाउन लाइन को जल्द से जल्द बहाल करने का निर्देश दिया।

गोंडा-गोरखपुर व गोरखपुर-अयोध्या पैसेंजर रही निरस्त

गुरुवार को चलने वाली पैसेंजर ट्रेन गोंडा-गोरखपुर और गोरखपुर-अयोध्या-गोरखपुर सवारी गाड़ी निरस्त रही। इसके अलावा लखनऊ जं.-छपरा कचेहरी एक्सप्रेस, सप्तक्रांति एक्सप्रेस, बिहार संपर्क क्रांति, गरीब रथ और जननायक एक्सप्रेस को दूसरे परिवर्तित रूट से डायवर्ट कर गंतव्य के लिए निकाला गया।

जांच टीम गठित, इमरजेंसी ब्रेक हो सकती है वजह

पांच बोगियों के बेपटरी होने की वजह तलाशने के लिए एनआईआर मुख्यालय ने जांच का आदेश जारी कर दिया है। डीआरएम स्तर से गठित टीम जांच-पड़ताल करेगी। वहीं सूत्रों के मुताबिक आशंका व्यक्त की जा रही है कि पांडेय बाजार रेलवे क्रासिंग पार करते समय मालगाड़ी की रफ्तार करीब 15-20 किमी प्रति घंटा थी। जबकि गाड़ी को बस्ती रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर छह पर यार्ड में रुकना था। जो घटनास्थल से बमुश्किल दो सौ मीटर दूर है। ऐसे में यार्ड में प्रवेश करते समय रफ्तार अधिकतम 08-10 किमी प्रति घंटा होनी चाहिए थी। संभवत: ड्राइवर को स्पीड का अहसास हुआ होगा तो उसने इमरजेंसी ब्रेक लगाई होगी जिसके चलते एक-दूसरे से टकराती बोगियां पीछे से डिरेल हो गईं। डिरेल हुई बोगियों का एक्सल टूटने के साथ ही ब्रेक बुरी तरह जल गया था।

इलेक्ट्रिक टीम चाहती तो जल्दी खुलता ट्रैक

हादसे के बाद राहत कार्य शुरू हुआ तो इलेक्ट्रिक हाई टेंशन वॉयर बाधा बन गए। महाबली क्रेन के आगे-पीछे होने और बेपटरी हुए वैगन को हटाने में तार के साथ ही बिजली के खंभे रुकावट बन रहे थे। सूत्रों के मुताबिक बुधवार रात मौके पर पहुंचे इलेक्ट्रिक डिपार्टमेंट के कर्मचारियों ने बमुश्किल दो सौ मीटर वायर को ही खोला। जिससे राहत कार्य तेजी नहीं पकड़ पाया। देरी होते देख अधिकारियों के निर्देष पर कर्मचारियों ने गुरुवार की सुबह दो सौ मीटर तक तार खोल कर हटा दिया। जानकारों का कहना है कि बुधवार की रात में ही पांच सौ मीटर तक इलेक्ट्रिक वायर खोल कर हटा दिया जाता तो संभव था कि डाउन ट्रैक को दोपहर तक चालू कर दिया जाता।

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  • Web Title:Lucknow-Gorakhpur down track started after 20 hours