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सफलता के लिए पुस्तकालय में समय बिताना जरूरी : प्रमोद गिरि

सफलता के लिए पुस्तकालय में समय बिताना जरूरी : प्रमोद गिरि

संक्षेप:

Basti News - बस्ती में जिला जज समसुल हक ने कहा कि कुशल अधिवक्ता बनने के लिए केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि वरिष्ठों का सानिध्य और निरंतर स्वाध्याय भी आवश्यक है। उद्घाटन समारोह में जजों ने पुस्तकालय के महत्व पर बल दिया और कहा कि बिना पुस्तकों के एक योग्य अधिवक्ता की कल्पना करना कठिन है।

Jan 06, 2026 12:17 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बस्ती
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बस्ती। एक कुशल अधिवक्ता बनने के लिए केवल किताबी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि वरिष्ठों (गुरुओं) का सानिध्य और निरंतर स्वाध्याय अनिवार्य है। यह विचार जिला जज समसुल हक ने सिविल बार एसो. के पुस्तकालय के सौंदर्यीकरण के बाद आयोजित उद्घाटन समारोह और नववर्ष मिलन कार्यक्रम में व्यक्त किए। जिला जज ने कहा कि जो बातें हम पढ़कर लंबे समय में सीखते हैं, उन्हें अनुभवी गुरुओं के अनुसरण से आसानी से सीखा जा सकता है। उन्होंने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि वे वरिष्ठ अधिवक्ताओं द्वारा उद्धृत कानूनी बिंदुओं को नोट कर लिया करते थे, जो उनके करियर में मील का पत्थर साबित हुए।

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उन्होंने जोर दिया कि आज के डिजिटल युग में भले ही सब कुछ इंटरनेट पर उपलब्ध है, लेकिन ज्ञान की विशुद्धता के लिए पुस्तकों का अध्ययन ही सर्वश्रेष्ठ मार्ग है। कार्यक्रम में अपर जिला जज शिवचंद ने बताया कि न्यायाधीश और अधिवक्ता दोनों को जीवनपर्यंत विद्यार्थी बने रहना चाहिए, जिसके लिए एक सुसज्जित पुस्तकालय आधारशिला है। अपर जिला जज जेबा माजिद ने कहा कि बिना पुस्तकों के एक योग्य और सफल अधिवक्ता की कल्पना करना कठिन है। न्यायाधीश रामकरण यादव ने अधिवक्ताओं को अदालतों में पूरी तैयारी के साथ आने की सलाह दी। न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि ने बताया कि सफलता के लिए पुस्तकालय में समय बिताने को अनिवार्य बताया। कार्यक्रम का संचालन चिंतामणि पांडेय ने किया। एसो. के अध्यक्ष अजय प्रताप सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया और महामंत्री मारुत कुमार शुक्ला ने धन्यवाद ज्ञापित किया। समाजसेवी अधिवक्ता रामकृपाल चौधरी ने उपस्थित न्यायाधीशों को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। इस दौरान सबीहा खातून, चौधरी संदीप सिंह, देवेंद्र कुमार, राजबावू, सोनाली मिश्रा, पीयूष कुमार, भारतभूषण वर्मा, स्नेहा पाल, आभा रानी, अंकिता, स्नेहिल श्रीवास्तव, गंगा प्रसाद श्रीवास्तव, रामशरण चौबे, प्रेमचंद श्रीवास्तव, जगदीश प्रसाद पांडेय, चन्द्र भूषण मणि त्रिपाठी, जवाहरलाल मिश्र, जंग बहादुर सिंह, बदीउज्जमा सिद्दीकी, सूर्यदेव यादव, गोपेन्द्र अगृहरि, अजय, अखंड प्रताप पाल, राकेश पांडेय, देवव्रत उपाध्याय, घनश्याम गौतम, रोहित चौधरी, कमलेश चौधरी, मृत्युजंय शुक्ल, सलीम अख्तर सिद्दीकी साहित अन्य मौजूद रहे।