Basti News: जीजीआईसी प्रधानाचार्य पर जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप
Basti News: बस्ती, निज संवाददाता। जीजीआईसी बस्ती की प्रभारी प्रधानाचार्या के खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत हुई है। जांच टीम ने आरोप लगाया है कि प्रिंसिपल सहयोग नहीं कर रही हैं। सीटीओ ने अंतिम अवसर दिया है। शिकायत में 16 बिन्दुओं पर आरोप लगाए गए हैं। रिमाइंडर दिए गए हैं और कार्यवाही जारी है।

Basti News: बस्ती, निज संवाददाता। जीजीआईसी बस्ती की प्रभारी प्रधानाचार्या के खिलाफ लोकायुक्त में शिकायत हुई है। इस शिकायत पर मुख्य कोषाधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यों वाली टीम जांच कर रही है। जांच टीम ने प्रधानाचार्य पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि संबंधित अभिलेख उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। इस संबंध में सीटीओ ने प्रभारी प्रधानाचार्या को पत्र लिखकर अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए अंतिम अवसर दिया है। जीजीआईसी की प्रभारी प्रधानाचार्या के खिलाफ लोकायुक्त में परिवाद दाखिल है। यह परिवाद रामकुमार चौधरी निवासी उड़वलिया इटवा जनपद सिद्धार्थनगर ने दाखिल किया है। उन्होंने एमडीएम, दूध खरीद, भवन निर्माण में मलबा संबंधी, फर्नीचर, समर कैंप किट व यात्रा व्यय सहित 16 बिंदुओं पर शिकायत की गई है। इस शिकायत पर मुख्य कोषाधिकारी अशोक कुमार प्रजापति की अध्यक्षता में डीआईओएस संजय सिंह व एसडीएम सदर प्रमोद कुमार की टीम जांच कर रही है।
जांच के संबंध में पत्राचार
सीटीओ ने प्रभारी प्रधानाचार्या अपर्णा भारद्वाज को लिखे पत्र में कहा कि आपके खिलाफ लोकायुक्त में परिवाद दाखिल है। इस जांच के संबंध में सीटीओ कार्यालय से दो पत्र, डीएम कार्यालय से रिमाइंडर दिया गया है। इन पत्रों के माध्यम से परिवाद पत्र पर अंकित बिंदुओं पर साक्ष्य सहित आख्या मांगी गई है। इस संबंध में आपके स्तर से लगातार प्रक्रियात्मक आपत्तियां उठाई जा रही है और वांछित आख्या समय से उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। इस कारण तीन सदस्यीय जांच समिति डीएम को जांच आख्या नहीं भेज पा रही है।
समिति का कड़ा रुख
सीटीओ ने कहा कि जांच समिति की ओर से प्रशासन को समय पर आख्या नहीं भेजे जाने के कारण डीएम कार्यालय की ओर से 20 अगस्त को पुन: रिमाइंडर दिया गया। इस पर कड़ा कड़ा रुख अपनाते हुए गहरा खेद व्यक्त किया गया है। समिति को तत्काल तथ्यात्मक आख्या उपलब्ध कराने के लिए निर्देश दिया गया है। लोकायुक्त जैसे उच्च स्तरीय और समयबद्ध प्रकरण में समिति की आख्या केवल आपके असहयोग के कारण रुकी हुई है, जो कि अत्यंत आपत्तिजनक है। ऐसे में आपको अंतिम अवसर प्रदान करते हुए पुनः निर्देशित किया जाता है कि परिवाद के अनुसार दिये गए बिन्दु पर साक्ष्यों के आधार पर अपनी स्पष्ट एवं बिंदुवार आख्या सीटीओ कार्यालय को उपलब्ध करा दें, जिससे समिति अपनी संयुक्त जांच आख्या डीएम को भेज सके।
आखिरी चेतावनी और जवाबदेही
यदि इस अंतिम अवसर के बाद भी आपके स्तर से आख्या भेजने में विलंब या शिथिलता बरती जाती है तो संपूर्ण स्थिति एवं असहयोगपूर्ण रवैये को डीएम व अन्य उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया जाएगा, जिसका पूर्ण उत्तरदायित्व आपका होगा। इस संबंध में मुख्य कोषाधिकारी अशोक कुमार प्रजापति ने कहा कि लोकायुक्त में की गई शिकायत की मेरे अध्यक्षता में जांच हो रही है। इसमें एसडीएम सदर और डीआईओएस सदस्य हैं। इस संबंध में शिकायत संबंधी बिन्दुओं पर आख्या जीजीआईसी की प्रभारी प्रधानाचार्या से मांगा गया है। समय से आख्या नहीं देने पर रिमांडर देते हुए अंतिम अवसर दिया गया है। यदि इसके बाद भी आख्या नहीं मिलती है तो उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट की जाएगी।


