परिषदीय स्कूलों में शुरू होने लगी एलपीजी सिलेंडर की किल्लत
Basti News - इजरायल-ईरान युद्ध के कारण LPG सिलेंडर की कमी से परिषदीय स्कूलों में मध्याह्न भोजन पर असर पड़ा है। कई स्कूलों में चूल्हे पर भोजन बनाना पड़ रहा है। प्रधानाध्यापक गैस सिलेंडर की उपलब्धता के लिए परेशान हैं। कुछ स्कूलों में सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हो रही है, जिससे बच्चों के लिए भोजन बनाना मुश्किल हो रहा है।
बस्ती, हिन्दुस्तान टीम। इजरायल-ईरान युद्ध के चलते एलपीजी सिलेंडर का असर अब परिषदीय स्कूलों के एमडीएम पर पड़ने लगा है। सिलेंडर की समय से उपलब्धता नहीं होने के कारण कई स्कूलों को चूल्हे पर एमडीएम बनाने की नौबत आने लगी है। एलपीजी संकट के शुरूआती दौर में परिषदीय स्कूलों पर इसका असर नहीं पड़ा। लेकिन सिलेंडर खत्म होने के बाद बुकिंग करने से लेकर आपूर्ति सुविधाजनक व समयबद्ध तरीके से नहीं हो पाने के कारण स्कूल के प्रधानाध्यापकों को परेशान होना पड़ रहा है। खासतौर से जिन स्कूलों में एक ही गैस सिलेंडर है, उन स्कूलों के पास एलपीजी के प्रबंध में अधिक समस्या है।
हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जहां एलपीजी आपूर्ति की समस्या सामने आ रही है, उसका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया जा रहा है। सल्टौआ संवाद के अनुसार ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बेतौहा में एलपीजी गैस सिलेंडर नहीं मिल पाने के कारण बच्चों के लिए मध्यान्ह भोजन लकड़ी पर बन रहा है। प्रधानाध्यापक दुर्गेश यादव ने बताया कि मार्च माह में एजेंसी पर कई बार गैस सिलेंडर के लिए गए। लेकिन यहां विद्यालय का कोटा फुल बताया गया और सिलेंडर अप्रैल माह में देने की बात कही गई। जबकि कोटे के मुताबिक सिलेंडर की आपूर्ति विद्यालय में नहीं पहुंची थी। इसकी शिकायत आईजीआरएस मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी किया है। उनके अनुसार सारिका गैस एजेंसी जिनवा स्तर से स्कूल के कोटे के दो सिलेंडर 30 और 31 मार्च में किसी अन्य को दे दिया गया। इसी प्रकार प्राथमिक विद्यालय भदना में प्रधानाध्यापक आसाराम ने बताया गया कि उनके विद्यालय पर भी गैस सिलेंडर की संख्या एजेंसी स्तर से पूर्ण बताई गई, जबकि एजेंसी ने 30 व 31 मार्च में दो-दो गैस सिलेंडर किसी अन्य को दे दिया गया और विद्यालय में सिलेंडर अभाव के कारण भोजन लकड़ी पर ही बन रहा है। --- 15 दिनों से सिलेंडर के लिए लगा रहे दौड़हर्रैया/लालगंज। लालगंज क्षेत्र के प्राइमरी कछुवाड़ में भी सिलेंडर के अभाव में चूल्हे पर मध्यान्ह भोजन पकाया जा रहा है। स्कूल के हेड मास्टर सत्यनारायण ने बताया कि करीब 15 दिनों से गैस सिलेंडर के प्रयासरत हैं, लेकिन आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। इसके चलते चूल्हे पर ही एमडीएम पकाया जा रहा है। वहीं हर्रैया क्षेत्र के कम्पोजिट विद्यालय दौलतपुर में भी लकड़ी के चूल्हा से बच्चों का मिड डे मील पकाया जा रहा है। प्रधानाध्यापक ने बताया कि गैस उपलब्ध नहीं हो पाया, जिसके चलते चूल्हे पर भोजन बनाया गया। बुधवार को गैस सिलेंडर मिलने की उम्मीद है। पूर्व माध्यमिक भदावल में भी चूल्हे पर ही खाना बनता मिला। रसोइया सरिता सिंह लकड़ी के चूल्हा पर खाना पका रही थी। रसोइया ने पूछने पर बताया कि एक पखवाड़ा पूर्व स्कूल में चोरी हो गई थी, जिसमें गैस चूल्हा और सिलेंडर चोरी हो गया था। जिसके चलते चूल्हा जलाकर बच्चों एमडीएम बना रही हैं। विद्यालय के प्रधानाध्यापक बृजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि गैस सिलेंडर के लिए प्रयास किया जा रहा है। जब तक उपलब्ध नहीं हो जाता, तब तक लकड़ी से ही भोजन बन रहा है।
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