Basti News: जलस्तर नीचे जाने से पानी के लिए जूझ रहे उत्तरी क्षेत्र के गांव

हिन्दुस्तान, बस्ती
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Basti News: जिले में सामान्य से कम बरसात हुई है, जिससे भूगर्भ जल का संकट खड़ा हो गया है। खासकर उत्तरी हिस्से के गांवों में लोग परेशान हैं। पंपिंग सेट से पानी लाने का प्रयास कर रहे किसान, लेकिन इससे जलस्तर और नीचे जा रहा है। कई गांवों में पेयजल संकट भी उत्पन्न हुआ है।

Basti News: जलस्तर नीचे जाने से पानी के लिए जूझ रहे उत्तरी क्षेत्र के गांव

Basti News: बस्ती, हिन्दुस्तान टीम। जिले में सामान्य से कम बरसात हुई है, जो आधे से भी कम है। इस कारण कुछ हिस्से में भूगर्भ जल का संकट खड़ा हो गया है। खासकर जिले के उत्तरी हिस्से में कई गांव में लोग परेशान है। बारिश कम होने से खेती किसानी पिछड़ रही है। इससे निपटने के लिए कुछ किसान पंपिंग सेट के सहारे पानी लेकर खेत की रोपाई कर रहे हैं, लेकिन इसका सीधा असर भूगर्भ जल पर पड़ रहा है। निचले जलस्तर वाले क्षेत्र में सिंचाई के दौरान हैंडपंप सूख जा रहे हैं। जिन लोगों ने टुल्लूपंप लगा रखा है, उनके घरों की टंकियों में दोगुना से अधिक समय पानी भरने में लग रहा है। रुधौली तहसील क्षेत्र में कुड़ही ग्राम पंचायत के हैण्डपम्प में पानी नहीं आने से हाहाकार मचा हुआ है। शुद्ध पेयजल को लेकर लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पंप में पानी नहीं आने से लोगों को नहाने तथा खाना बनाने सहित अन्य जरूरत के लिए समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण गांव में पंपिंग सेट से पानी भरकर नहाने तथा खाने के लिए ले जा रहे हैं। कुड़ही निवासी विपुल पांडेय के लगाए गए समरसेबल से गांव के तमाम लोग पानी भरने आ रहे हैं। उनके समरसेबल पर पानी लेने के लिए लोग बाल्टी लेकर कतार लगा रहे हैं। पानी नहीं आने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

पानी की कमी की वजह

गांव के रामबहाल तथा शिवबहाल साहित आदि लोगों ने बताया कि तमाम हैंडपंपों से पानी नहीं आ रहा है, जिससे हम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांव में जिनके यहां पर टुल्लू पंप हैं, उनके यहां भी पानी नहीं आ रहा है। ऐसे लोगों का कहना है कि जहां दो घंटे में पानी की टंकी भर जाती थी, अब पांच घंटे तक का समय लग रहा है। ज्यादातर घरों में टुल्लू पंप से छतों पर लगे पानी की टंकी में पानी नहीं चढ़ पा रहा है। नगर पंचायत रुधौली, हनुमानगंज, दसिया, विशुनपुरवा, गंधरिया खुर्द, पटवरिया, खम्हारिया सहित आदि जगहों पर भी पानी का जलस्तर नीचे जाने से समस्या है। क्षेत्र में बारिश नहीं होने से वाटर लेबल नीचे चला गया है। पानी के लिए ग्रामीण हैंडपंप चलाते चलाते परेशान हो जाते हैं। कई गांवों में खेतों में धान की रोपाई के लिए पंपिंग सेट से पानी भरा जा रहा है, इस कारण भी जलस्तर नीचे चला गया है.

जल संकट के गंभीर परिणाम

सल्टौआ क्षेत्र स्थित औड़जंगल के 52 पुरवों पर पानी का गंभीर संकट है। जहलीपुर, दुर्गापुर, पिटाउट, तुरकौलिया, तेलियाडीह, मधवापुर, बरगदवा, कनेथू बुर्जुग, बढ़या कला, पचमोहनी, लपसी सहित कई गांवों में पानी का संकट है। यहां की स्थित यह है कि नल से बहुत कम पानी आ रहा है। कई घरों के नल तो सूख गए हैं। मोटर पूरी तरह से जवाब दे जा रहा है। इसके चलते लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। कई गांवों में सबसे अधिक समस्या नलकूप व पंपिंग सेट चलने से हो रही है। जब पंपिंग सेट व नलकूप चल रहे हैं तो उस दौरान आसपास के नल सूख जा रहे हैं।

सामान्य प्रश्न

जिले में पानी की कमी का मुख्य कारण क्या है?
जिले में सामान्य से कम बरसात हुई है, जिससे भूगर्भ जल का संकट खड़ा हो गया है।
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