एनएचएआई ने 33 लोगों को थमाया नोटिस, सात दिन का अल्टीमेटम
Basti News - बस्ती। अयोध्या-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर दशकों से जमे अतिक्रमणकारियों के खिलाफ अब प्रशासन का

बस्ती। अयोध्या-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर दशकों से जमे अतिक्रमणकारियों के खिलाफ अब प्रशासन का डंडा चलने वाला है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने प्रथम चरण में बस्ती के बड़ेवन से लेकर संतकबीरनगर सीमा तक 33 अवैध कब्जाधारकों को नोटिस जारी कर दिया है। इस कार्रवाई से हाईवे के किनारे पक्का और कच्चा निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया है। मंडल की सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में अक्सर हाईवे पर बढ़ते अतिक्रमण और उसके कारण होने वाली दुर्घटनाओं का मुद्दा उठता रहा है। हाल ही में अखिलेश सिंह, आयुक्त बस्ती मंडल ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एनएचआई को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
वर्षों से हाईवे की भूमि पर काबिज लोगों को पहली बार औपचारिक नोटिस मिलने से खलबली मची है। एचएचएआई की ओर से पहले चरण में बड़ेवन से संतकबीरनगर सीमा तक सर्वे पूरा कर 33 लोगों को नोटिस तामील कराया गया है। द्वितीय चरण में बस्ती से घघौवा (अयोध्या सीमा) तक सर्वे का काम जारी है, यहां भी जल्द ही नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी। इस बाबत अवनीश सिद्धार्थ, राष्ट्रीय राजमार्ग प्रशासक/प्राधिकृत अधिकारी, पीआईयू अयोध्या ने बताया कि सड़क के किनारे अतिक्रमण के चलते अधिकतर दुर्घटनाएं हो रही हैं। अवैध कब्जेदारों को नोटिस दी गई है कि वे स्वत: इसे हटा लें, अन्यथा प्रशासन की ओर से बलपूर्वक हटाने की कार्रवाई की जाएगी। यूरिया पंप संचालक और दुकानदार निशाने पर बताते चलें तो अयोध्या-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 110 किलोमीटर की परिधि में सड़क के किनारे जगह-जगह दुकानदारों द्वारा स्थायी और अस्थायी रूप से अतिक्रमण कर लिया गया था जिसके चलते अक्सर हादसे भी हो रहे थे। फोरलेन हाईवे के किनारे न केवल छोटे दुकानदारों ने बल्कि दर्जनों यूरिया पंप संचालकों ने भी सर्विस रोड पर अवैध रूप से ‘यूरिया यूनिट’ की टंकियां स्थापित कर ली गई हैं। इन अवैध निर्माणों के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही थीं। स्थानीय निवासियों और समाचार पत्रों द्वारा लंबे समय से इस ओर ध्यान आकृष्ट कराया जा रहा था। सात दिनों के भीतर खुद हटा लें कब्जा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से जारी नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि सभी अतिक्रमणकारी सात दिनों के भीतर अपना अस्थायी या स्थायी कब्जा स्वयं हटा लें। यदि निर्धारित समय सीमा में अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो विभाग द्वारा बुलडोजर चलाकर निर्माण ध्वस्त कर दिया जाएगा और इसका खर्च भी संबंधित कब्जेदार से वसूला जा सकता है।
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