पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि से ‘बस्ती वालों’ को हर माह छह करोड़ की लगेगी चपत

Newswrap हिन्दुस्तान, बस्ती
share

Basti News - बस्ती। जंग की तपिश का असर बस्ती के लोगों पर भी पड़ने लगा है।

पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि से ‘बस्ती वालों’ को हर माह छह करोड़ की लगेगी चपत

बस्ती। जंग की तपिश का असर बस्ती के लोगों पर भी पड़ने लगा है। अब पेट्रोल और डीजल का दाम बढ़ गया है। प्रति लीटर तीन रुपया बढ़ने के चलते ‘बस्ती वालों’ पर औसतन छह करोड़ रुपये का झटका लगेगा। यह आंकड़ा अप्रैल माह में बिके औसतन पेट्रोल व डीजल की मात्रा के आधार पर है। इस खपत के आधार पर अब जिलेवासियों पर प्रतिमाह छह करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

पेट्रोल और डीजल की बिक्री

जिला पूर्ति कार्यालय के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में 183 पेट्रोल-पंप हैं। इनमें कतिपय कारणों से 12 ड्राई चल रहे हैं। अप्रैल माह में औसतन माह में प्रतिदिन 300 किलो लीटर पेट्रोल की बिक्री हुई। इस प्रकार माह में 90 लाख लीटर पेट्रोल की बिक्री व खपत हुई। अब नब्बे लाख लीटर की खपत पर प्रति लीटर तीन रुपये की वृद्धि हो गई और प्रतिमाह पेट्रोल पर अतिरिक्त खर्च लगभग 2.7 करोड़ रुपये हो जाएगा।

Voice of UP

डीजल की खपत

इसी तरह दैनिक आधार पर 375 किलोलीटर डीजल की खपत है। इस आधार पर एक माह में एक करोड़ 14 लाख लीटर डीजल खर्च होता है। बढ़े दरों के आधार पर तीन रुपये की दर पर 3.3 करोड़ से अधिक की धनराशि प्रति माह अतिरिक्त खर्च होगी। डीजल-पेट्रोल बढ़े दाम के चलते पिछले माह के आंकड़ों के अनुसार छह करोड़ का अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। विशेषज्ञों की मानें तो यह बढ़ोत्तरी अभी रूकने वाली नहीं है। प्रति पखवारे होने वाली बढ़ोत्तरी आगे भी जारी रहने की संभावना है। ऐसे में अभी जनपदवासियों को और झटका लगने की संभावना है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बस्ती में पेट्रोल और डीजल का मूल्य क्यों बढ़ा है?
पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने का कारण जंग की तपिश है।
Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।