खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को किया जागरूक
बस्ती में कृषि विज्ञान केंद्र ने 'खेत बचाओ अभियान-2026' के तहत किसानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। मुख्य अतिथि गजेन्द्र मणि त्रिपाठी और प्रधान साहबदीन निषाद ने जल संरक्षण और सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों पर चर्चा की। डॉ. एसके तोमर ने दलहनी फसलों के महत्व और कृषि स्थिरता पर जोर दिया।

बस्ती, निज संवाददाता। कृषि विज्ञान केंद्र ने ‘खेत बचाओ अभियान-2026’ के तहत किसानों के बीच जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। मुख्य अतिथि के रूप में सिंचाई बंधु के उपाध्यक्ष गजेन्द्र मणि त्रिपाठी तथा ग्राम माझा के प्रधान साहबदीन निषाद रहे। अतिथियों ने जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों के महत्व पर प्रकाश डाला। अध्यक्षता करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. एसके तोमर ने कहा कि मृदा स्वास्थ्य संरक्षण एवं कृषि की दीर्घकालिक स्थिरता के लिए दलहनी फसलों का फसल चक्र अत्यंत आवश्यक है। दलहनी फसलें वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण कर भूमि की उर्वरता बढ़ाती है।
उन्होंने किसानों को धान एवं गेहूं आधारित फसल प्रणालियों में मूंग, उड़द, अरहर, चना एवं मसूर जैसी दलहनी फसलों को शामिल करने की सलाह दी।
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