फर्जी डीएल मामले में बढ़ेगा जांच का दायरा
बस्ती में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के मामले में आरटीओ और एआरटीओ की संलिप्तता की संभावना है। परिवहन आयुक्त ने डीएम बस्ती को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने के लिए कहा है। लगभग 4500 फर्जी लाइसेंस बनाए गए हैं और इसमें 4.75 करोड़ की अवैध वसूली की गई है।

बस्ती। फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के मामले में बस्ती के आरटीओ और एआरटीओ के शामिल होने की संभावना है। इस बात की सूचना परिवहन आयुक्त को मिली है। उन्होंने डीएम बस्ती को पत्र लिखकर अपने स्तर से प्रकरण की जांच कराते हुए आख्या मांगी है। बताते चलें कि बस्ती में दूसरे प्रांत के बैकलॉग को दिखाकर बस्ती में बड़े पैमाने पर हैवी वाहनों के ड्राइविंग लाइसेंस बनाए गए थे, जिससे वाहन चालकों ने बिना निर्धारित प्रक्रिया पूरा किए लाइसेंस प्राप्त कर लिए। इस मामले में शासन ने आरआई संभागीय परिवहन विभाग बस्ती को निलंबित कर दिया है। डीएम बस्ती को संभागीय व उप संभागीय परिवहन कार्यालय में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस एवं अवैध वसूली प्रकरण की जांच के संबंध में लिखे पत्र में परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने कहा है कि उनके कार्यालय और उनको सोशल मीडिया के माध्यम से सूचना मिली है कि जनपद बस्ती में दलालों के सिंडिकेट की ओर से लगभग 4500 फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाए गए।
यह ड्राइविंग लाइसेंस अरुणाचल प्रदेश से बैकलॉग एंट्री के आधार पर बस्ती में बनाए गए। मिर्जापुर, कुशीनगर, गोरखपुर और संतकबीरनगर के लोगों के भी डीएल बने। इन सभी आवेदकों के लर्नर डीएल न बनाए जाने इत्यादि घटनाओं की सूचना प्राप्त हुई है। सोशल मीडिया पर यह भी पता चला है कि इस काम में लगभग 4.75 करोड़ की अवैध वसूली की गई है।परिवहन आयुक्त ने डीएम बस्ती से कहा है कि इस प्रकरण में फरीदउद्दीन संभागीय परिवहन अधिकारी बस्ती और माला बाजपेयी सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) बस्ती और सीमा गौतम, मोटरयान निरीक्षक (प्राविधिक) बस्ती की मिलीभगत होने की सूचना प्राप्त हुई है। ऐसे में इस मामले से संबंधित प्रकरण की विस्तृत जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराते हुए जांच आख्या परिवहन आयुक्त कार्यालय को ईमेल और पंजीकृत डाक से भेजें।
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