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बस्तीडायबिटीज है तो भी जमकर खाएं काले धान का चावल

हिन्दुस्तान टीम,बस्तीPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 04:50 AM
डायबिटीज है तो भी जमकर खाएं काले धान का चावल

बस्ती। सुरेंन्द्र पांडेय

‘शुगर के मरीज हैं तो चावल मत खाओ यह जुमला आम तौर पर सुनने को मिलता है। शुगर के मरीज भी चावल खाने की बात पर परहेज है बताते हैं, लेकिन अब शुगर के मरीजों के लिए खुशखबरी है। शुगर के मरीज काला धान का चावल जमकर खाएं, उनका शुगर लेवल मेंटेन तो रहेगा, उन्हें कैसर जैसी घातक बीमारी से भी बचाने का काम करेगा। कृषि विभाग आत्मा योजना के तहत बस्ती में काला धान की 10 हेक्टेयर में खेती शुरू कराने जा रहा है। इसमें सरकारी कृषि फार्म व निजी किसान दोनों शामिल हैं।

उप निदेशक कृषि डॉ. संजय कुमार त्रिपाठी बताते हैं कि काला धान मणिपुर के चकहावो में बड़े पैमाने पर पैदा होता है। आत्मा योजना के तहत 14 ब्लॉकों में स्थापित प्रत्येक कृषि फार्म में 0.4 हेक्टेयर में काला धान की खेती की जाएगी। पांच हेक्टेयर में निजी किसानों को खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके बीच बीज मंगा लिया गया है। एक एकड़ में करीब 12 किलो बीज लगता है। बस्ती के अमरौना मेहनौना में संदीप पटेल व धौरहरा गोचना में अवधेश पांडेय पहले से ही काला धान की खेती कर रहे हैं।

डीडी एजी डॉ. त्रिपाठी बताते हैं कि इस धान के चावल में भरपूर एंटीआक्सीडेंट होता है। यह शरीर से अपशिष्ट पदार्थ को बाहर निकालने का काम करता है। इस चावल का निरंतर प्रयोग करने वाले को कैंसर का खतरा काफी कम होता है। यह चावल फाइबरयुक्त होता है, जो पेट को साफ करने में मदद करता है। इस कारण काला धान का चावल स्वास्थ्य के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण होता है।

250 से लेकर 500 रुपये तक प्रति किलो बिकता है चावल

उप निदेशक कृषि बताते हैं कि इसकी उपयोगिता को देखते हुए काफी मांग है। अभी तक केवल मणिपुर में यह धान पैदा होता है। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर मंडल के जिलों में भी किसानों ने काला धान की खेती शुरू की है। अभी तक इसके चावल का कोई निर्धारित स्थिर मूल्य नहीं है। फिर भी बाजार में 250 रुपये से लेकर 500 रुपये प्रति किलो तक बिकता है।

एक हेक्टेयर में 20 कुंतल धान की होती है उपज

उत्तर प्रदेश की जमीन पर काला धान की उपज काफी अच्छी है। फिर भी सामान्य धान की अपेक्षा आधा उपज मिलती है। एक हेक्टेयर में करीब 20 कुंतल धान उत्पन्न होता है, जबकि सामान्य धान 40 से 50 कुंतल तक होता है। इसके बाद भी यह किसानों के लिए उपयोगी होता है। डॉ. संजय त्रिपाठी बताते हैं कि एक हेक्टयर काला धान की खेती करने पर किसान को सामान्य धान की तुलना में 20 से 25 हजार रुपये की अतिरिक्त आमदनी होती है। धान की बिक्री के लिए किसान को भटकना नहीं पड़ता है।

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