
श्रीमद्भागवत कथा : जीव में अभिमान आते ही प्रभु दूर हो जाते हैं
Basti News - बस्ती के छरदही गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास सत्यम सांकृत ने श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के विवाह का प्रसंग सुनाया। श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से भाव-विभोर हो गए। रुक्मणी का विवाह हरण करके श्रीकृष्ण ने किया, जबकि रुक्मणी केवल उन्हें ही अपना पति मानती थीं।
बस्ती, हिन्दुस्तान टीम। विकास खंड के छरदही गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास सत्यम सांकृत ने श्रीकृष्ण रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनाया। श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा व्यास ने बताया कि श्रीकृष्ण लीलामृत में महारास में जीवात्मा का परमात्मा से मिलन हुआ। जीवात्मा और परमात्मा के मिलन को ही महाराज कहा गया है। उन्होंने कहा कि जब जीव में अभिमान आ जाता है, तब भगवान से वह दूर हो जाते हैं। लेकिन जब कोई भगवान के अनुराग में विरह में होता है, तो श्रीकृष्ण अनुग्रह कर उसे दर्शन देते हैं। श्रीकृष्ण रुक्मणी विवाह का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का प्रथम विवाह विदर्भ देश के राजा की पुत्री रुक्मणी के साथ संपन्न हुआ।

रुक्मणी का भाई अपनी बहन का विवाह शिशुपाल से करना चाहता था, लेकिन रुक्मणी साक्षात लक्ष्मी का अवतार थीं। वह सिर्फ श्रीकृष्ण से विवाह करना चाहती थी। भगवान श्रीकृष्ण ने रुक्मणी का विवाह हरण करके किया। भगवत कथा में श्रीकृष्ण रुक्मणी विवाह की झांकी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। इस दौरान यजमान हरेंद्र प्रसाद दूबे, निर्मला देवी, आनंद दूबे, वेदमणि, प्रिया, मृणाल मंजरी, अनीता, श्रीकृष्ण दूबे, हरिद्वार दूबे, राजबहादुर दूबे, रजनीश गोस्वामी, गुड्डू दूबे, सचिन दूबे, अमित विक्रम, सतीश तिवारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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