ओवर रेटिंग करने वाली निजी खाद की दुकान निलंबित
Basti News - बस्ती। खाद के ओवर रेटिंग की शिकायत पर जिला कृषि अधिकारी की टीम ने

बस्ती। खाद के ओवर रेटिंग की शिकायत पर जिला कृषि अधिकारी की टीम ने मंगलवार रात हर्रैया क्षेत्र के निजी दुकान पर छापा मारा। मौके पर अभिलेख नहीं देने के चलते दुकान को निलंबित कर दिया गया। निलंबन की जांच अपर जिला कृषि अधिकारी को सौंपी गई है। बताते चलें कि यूरिया खाद का अधिक मूल्य मांगने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था, जिसमें दुकानदार 500 रुपये से कम में यूरिया नहीं देने की बात कर रहा था। इसी वायरल वीडियो की जांच में जिला कृषि अधिकारी पहुंचे थे। हालांकि ‘हिन्दुस्तान इस वायरल वीडियो के सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. बाबूराम मौर्य ने बताया कि अपर जिला कृषि अधिकारी अंबिकेश, बीटीएम और उर्वरक लिपिक की टीम के साथ बुधवार देर शाम हर्रैया क्षेत्र के मौर्य इंटरप्राइजेज त्रिलोकपुर की जांच किया। जांच के दौरान वितरण, स्टॉक रजिस्टर, पीओएस डाटा मांगने पर उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके चलते दुकान के लाइसेंस को निलंबित कर दिया गया। इसकी जांच एडीओ अंबिकेश को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। औचक निरीक्षण में निजी दुकान में मिली अनियमितता, निलंबन की संस्तुति बस्ती। उप निदेशक कृषि अशोक कुमार गौतम ने मेसर्स मनवर कृषि उत्पादन समिति अमिलहा बहादुरपुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संचालक राजीव कुमार मिश्र उपस्थित रहे। उनके स्टॉक में 350 बोरी यूरिया, 100 बोरी यूरिया, एसएसपी 365 बोरी, पोटास 50 बोरी और एसएसपी 40 बोरी उर्वरक स्टॉक उपलब्ध है। आईपीएल यूरिया 150 बोरी का पहले वितरण किया है। उर्वरक की दुकान पर पीओएस मशीन सही नहीं मिली। वाईफाई सही नहीं था। स्टॉक रजिस्टर और रेटबोर्ड उपलब्ध नहीं था। समिति के वितरण रजिस्टर पर दर्ज मोबाइल नंबर पर रेंडम फोन किया गया तो जिससे बात हुई तो उस किसान ने बताया कि वह बाहर है। इस पर उप निदेशक कृषि अशोक कुमार गौतम ने मनवर कृषि उत्पादन समिति अमिला बहादुरपुर के लाइसेंस निलंबन की संस्तुति जिला कृषि अधिकारी से की है। निजी दुकानदारों को बिना टैग मिले खाद तो समिति सचिव को सुरक्षा हर्रैया। भाजपा नेता चंद्रमणि पांडेय ने बुधवार को एसडीएम हर्रैया को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा कि वर्तमान में किसानों के सामने यूरिया वितरण सुनिश्चित नहीं होने के चलते फसलों की सुरक्षा को लेकर डर है। इसको लेकर निरंतर अधिकारियों से संपर्क कर वितरण को सुधारने की मांग पर हालात में थोड़ा सुधार हुआ है। लेकिन कुछ जगहों पर सचिव समिति पर खाद उपलब्ध होने के बाद भी वितरण नहीं कर रहे हैं। कहीं वितरण होता है तो कुछ लोग अराजकता उत्पन्न करते हैं। ऐसी ही कुछ समस्याओं को लेकर आज जहां समितियों के सचिव खाद वितरण नहीं किए। समस्या समाधान नहीं होने की दशा में हड़ताल की योजना बना रहे हैं। यही नहीं डीलर भी खाद के साथ टैग के दबाव के चलते कुछ निजी दुकानदार खाद नहीं उठा रहे हैं। जो दुकानदार खाद वितरण कर रहे हैं, वे दोगुने दाम पर बेच रहे हैं। कुछ निजी दुकानदार बंद कर दे रहे हैं। ऐसे में अगले 10 दिनों तक सचिवों के हड़ताल और निजी दुकानों के बंदी पर रोक लगे।
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