प्रधान की ओर से ट्रैक्टर से जबरन सड़क बनवाने पर विवाद
बस्ती के सहसरांव ग्राम पंचायत में प्रधान द्वारा खेत में जबरन चकरोड पटवाने पर विवाद हो गया है। पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में उनके खेत पर चकरोड निर्माण हुआ है। उप जिलाधिकारी ने कहा कि जांच में यदि निजी भूमि प्रभावित हुई तो उसे दुरुस्त किया जाएगा।

बस्ती। तहसील क्षेत्र के सहसरांव ग्राम पंचायत में प्रधान की ओर से खेत में जबरन चकरोड पटवाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। सुनसुन गांव निवासी हरेंद्र तिवारी, विजय तिवारी और विकास तिवारी ने इस कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ितों का कहना है कि सहसरांव गांव में गाटा संख्या 366 व 367 उनकी भूमिधरी खेती की जमीन है। पीड़ितों के अनुसार, खेत के बगल से पहले से ही चकरोड निकला हुआ है और उस पर पूर्व में ग्राम पंचायत द्वारा मिट्टी का कार्य भी कराया जा चुका है। आरोप है कि वर्तमान प्रधान के सहयोग से पुलिस व प्रशासन की मौजूदगी में उनके खेत पर जबरन चकरोड निर्माण कराया गया。
ग्रामीणों के दावें
ग्रामीणों का कहना है कि आधा दर्जन पुलिसकर्मी और तहसील कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे और ट्रैक्टर से जल्दबाजी में चकरोड की पटाई कराई गई। इस मामले में उप जिलाधिकारी हर्रैया उमाकांत तिवारी ने बताया कि चकरोड निर्माण को लेकर थाना समाधान दिवस पर शिकायत मिली थी। उसी के क्रम में तहसील कर्मियों और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर चकमार्ग का निर्माण कराया है।
जांच और कार्रवाई
उन्होंने कहा कि यदि पैमाइश में पाया जाता है कि निर्माण के दौरान निजी भूमि प्रभावित हुई है, तो उसे दुरुस्त कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर खाली भी कराया जाएगा। वहीं खंड विकास अधिकारी हर्रैया विनय कुमार द्विवेदी ने कहा कि चकमार्ग निर्माण के संबंध में उन्हें कोई पूर्व जानकारी नहीं दी गई थी और न ही कोई इस्टीमेट उनके संज्ञान में है। उन्होंने कहा कि यदि ट्रैक्टर से निर्माण कार्य कराया गया है तो मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
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