अधिकारियों की भारी भरकम फौज, 56 शिकायतें, महज पांच निस्तारित
Basti News - बस्ती में संपूर्ण समाधान दिवस में दूरदराज से आए फरियादी निराश लौट रहे हैं। अधिकारियों द्वारा केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं और शिकायतों का निस्तारण धीमा है। पिछले समाधान दिवस में केवल कुछ शिकायतें ही निस्तारित हुईं। कई फरियादी वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

बस्ती, हिन्दुस्तान टीम। संपूर्ण समाधान दिवस में दूरदराज से आने वाले अधिकांश फरियादी निराश होकर लौट रहे हैं। यहां अपनी पीड़ा लेकर आने वाले लोगों को आश्वासन की घुट्टी पिलाकर वापस कर दिया जा रहा है। इसके बाद न समाप्त होने वाला दौड़ का सिलसिला शुरू हो जाता है। लोगों का कहना है कि डीएम की अध्यक्षता में जहां समाधान दिवस का आयोजन होता है, वहां अधिकारियों की भारी भरकम फौज पहुंचती है। उनके वाहनों के तेल आदि पर हजारों रुपये खर्च होता है, लेकिन शिकायतों के निस्तारण की रफ्तार काफी धीमी रहती है। अधिकारी आश्वासन देकर टाल देते हैं। इसके बाद फर्जी निस्तारण का खेल शुरू होता है।
यही कारण है कि पिछले समाधान दिवस का कितना निस्तारण हुआ, इसकी संख्या जारी नहीं की जाती है। भानपुर तहसील सभागार में डीएम कृत्तिका ज्योत्स्ना की अध्यक्षता में जिलास्तरीय समाधान दिवस का आयोजन हुआ। जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी ने भी जनसुनवाई किया। कुल 56 शिकायतें प्राप्त हुई, जिसमें पांच का मौके पर निस्तारण किया जा सका। डीएम ने दूरदराज से आए फरियादियों की समस्याओं को सुना। अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि थानों से संबंधित मामलों को तत्परता से निस्तारण कराएं। डीएफओ डॉ. शिरीन, सीएमओ डॉ. राजीव निगम, डीडीओ अजय कुमार सिंह, पीडी राजेश कुमार, डीपीआरओ धनश्याम सागर, समाज कल्याण अधिकारी लालजी यादव, मत्स्य अधिकारी संदीप वर्मा, डीएसओ विमल शुक्ला, सीवीओ डॉ. एके गुप्ता, उप निदेशक कृषि अशोक कुमार गौतम, डीएचओ अरुण त्रिपाठी के अलावा एसडीएम हिमांशु कुमार उपस्थित रहे।हर्रैया तहसील में आए सर्वाधिक 109 मामलेहर्रैया। सीडीओ सार्थक अग्रवाल की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन हुआ। सर्वाधिक 109 मामले आए जिनमें 12 मामलों का मौके पर अभिलेखीय परीक्षण कर निस्तारण किया जा सका। शेष मामलों के निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को भेज दिया गया। काफी देर तक फरियादियों की लंबी लाइन लगी रही। सबसे अधिक राजस्व 43, पुलिस 22, विकास 21, विद्युत 6 अन्य 17 मामलों सहित कुल 109 मामले प्रस्तुत किए गए। सीडीओ ने कहा कि हीला हवाली करने वाले जांच अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएंगी। एसडीएम सत्येंद्र सिंह, तहसीलदार अभयराज, नायब तहसीलदार शौकत अली व अन्य मौजूद रहे। रुधौली संवाद सूत्र के अनुसार संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन एसडीएम शशिबिंद उपाध्याय की अध्यक्षता में हुआ। कुल 35 मामले आए जिसमें महज चार का ही निस्तारण हो सका। तहसीलदार रवि यादव, नायब तहसीलदार नीरज सिंह, बीडीओ योगेंद्र राम त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।1999 से पक्की निशानदेही के लिए लगा रहे तहसील का चक्करबस्ती। सदर तहसील अंतर्गत हरनखा गांव निवासी राम निहोर ने बताया कि वर्ष 1999 में भूमि का बैनामा कराया था। बैनामा के बाद करीब छह वर्ष तक जुताई-बुआई का कार्य जमीन पर किया। इसके बाद विपक्षी ने जबरन जमीन कब्जा कर लिया। जुताई-बुआई से मना कर जान से मारने की धमकी दी। तभी से अपनी ही भूमि पर कब्जा पाने के लिए तहसील पर पत्नी के साथ चक्कर काट रहे हैं। शिकायत दर्ज कराने के बावजूद अब तक न्याय नहीं मिल सका है। शनिवार को आयोजित समाधान दिवस में पत्नी के साथ पहुंचे और एक बार फिर अधिकारियों के समक्ष गुहार लगाई। उनका कहना है कि हर बार आश्वासन मिलता है, लेकिन कार्रवाई नहीं होती। विपक्षी का रिश्तेदार कानूनगो व उसका भाई लेखपाल है, इसलिए उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। सदर तहसील अंतर्गत भेड़वा गांव निवासी रंगीलाल ने बताया कि मेरा ननिहाल इसी तहसील के अइलहा गांव में है, करीब 3.5 बीघा भूमि है। विपक्षी ने करीब डेढ़ बीघा भूमि कब्जा कर लिया है। भूमि को खाली कराने के लिए तहसील के चक्कर काट रहे है। वर्ष 2019 में भूमि की पक्की निशानदेही के लिए न्यायालय ने आदेश दिया था, लेकिन राजस्व कर्मी भूमि की निशानदेही नहीं कर रहे हैं। उससे 15 हजार रुपये भी ऐंठ लिया गया है। पुराने राजस्वकर्मी रिटायर्ड भी हो चुके हैं। अब तक न तो निशानदेही हुई और न ही कोई ठोस कार्रवाई। अधिकारी अब पक्की निशानदेही करने से इंकार कर रहे हैं।
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