गैंगरेप के आरोपी अफजरूल हक की जमानत अर्जी खारिज
Basti News - बस्ती की एफटीसी अदालत ने गैंगरेप के आरोपी अफजरूल हक उर्फ प्रिंस की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। पीड़िता ने बताया कि प्रिंस ने शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण किया। आरोपी पर गंभीर आरोप हैं और उसकी पहचान एक कुख्यात अपराधी के रूप में हुई है। मामला दर्ज होने के बाद भी कार्रवाई में देरी हुई।

बस्ती। एफटीसी प्रथम प्रमोद कुमार गिरि की अदालत ने गैंगरेप कांड के आरोपी अफजरूल हक उर्फ प्रिंस की जमानत अर्जी मंगलवार को निरस्त कर दिया है। कोतवाली थानाक्षेत्र निवासी पीड़िता ने कोतवाली थाने में तहरीर देकर दिया कि वह एक हॉस्पिटल में नौकरी करती थी। वर्ष 2022 में एक व्यक्ति अपना नाम प्रिंस और खुद को हिन्दू बताया था। बातचीत में मोबाइल नम्बर मांग लिया, उसके बाद उसे फोन करने लगा। माह दिसम्बर 2022 में प्रिंस उसे दूसरे हॉस्पिटल के मालिक से मिलवाने के लिए कहकर पब्लिक लाज दक्षिण दरवाजा लेकर गया और सिर पर कट्टा सटाकर दुष्कर्म किया। बाद में प्रिंस भावुक होकर कहा कि उससे शादी करना चाहता है।
चूंकि मेरी इज्जत लुट गई थी और प्रिंस शादी को तैयार था इसलिए लोक-लाज वश कार्रवाई नहीं की। प्रिंस शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। आकस्मिक जरूरत बताकर प्रिंस ने कई बार में 85 हजार रूपये लिया, उसे भी वापस नहीं किया। फरवरी 2023 में प्रिंस उसे अपने घर ले गया। वहां उसके परिजनों से मिली तो पता चला कि प्रिंस मुस्लिम है। उसका पूरा नाम अजफरुल हक उर्फ प्रिंस है और वह कुख्यात अपराधी है। यह समझते ही उसने प्रिंस से शादी करने से मना करते हुए उसके घर से जाने लगी तो घरवाले जबरदस्ती कमरे में बंद कर मोबाइल छीन लिए। थोड़ी देर बाद अजफरूल हक उर्फ प्रिंस व उसका भाई कमरे में आकर दुष्कर्म किये। शाम को एक मुस्लिम व्यक्ति कमरे में आया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश करने लगा। उसने मना किया तो कहा कि वह शमा खान के बुलाने पर आया है और प्रिंस के घर वालों को 5000 रुपया दिया है, उसके साथ रातभर सोने के लिए। बाथरूम जाने के लिए बहाने किसी तरह वहां से निकलकर भागी। मुल्जिमान मनबढ़ व शातिर अपराधी हैं। इनके अन्तर्राष्ट्रीय आतंकी गिरोह से जुड़े हैं। सभी भोली-भाली लड़कियों को बहला-फुसलाकर फंसाने के बाद उनसे देशद्रोह व देह व्यापार करवाते हैं। मानसिक स्थिति सामान्य होने पर 28 फरवरी 2025 को घटना की लिखित सूचना पुरानी बस्ती में दी, लेकिन मुल्जिमान की ऊंची पहुंच के कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई। एक दिन दबाव बनाकर सुलह करा दिया। इसके बाद प्रिंस कुछ दिन बाद पुनः उसे विभिन्न प्रकार से परेशान करने लगा, उसकी भी सूचना थाने पर दी गयी। 15 जनवरी 2026 में कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था।
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