खुफिया रडार पर ‘कैली’ और ‘रामपुर’, सीसीटीवी से खंगाले जा रहे सुराग
Basti News - महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज में धर्मांतरण के आरोपों ने हड़कंप मचा दिया है। कॉलेज प्रशासन ने संदिग्ध गतिविधियों की जांच के लिए सीसीटीवी कैमरों का सहारा लिया है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस मामले की तहकीकात कर रही हैं। छात्राएं और महिला डॉक्टर इस गिरोह का मुख्य निशाना हैं, जिससे अभिभावक चिंतित हैं।
बस्ती। महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज में धर्मांतरण के तार जुड़ने की सूचना ने जिले में हड़कंप मचा दिया है। इस संवेदनशील मामले में नाम सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ‘हाई अलर्ट’ पर है। कॉलेज परिसर के भीतर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों को लेकर अब सीसीटीवी कैमरे के जरिए इनपुट जुटाए जा रहे हैं। खुफिया एजेंसियां और पुलिस की टीमें अब इस बात की तहकीकात कर रही हैं कि क्या सफेद कोट की आड़ में धर्मांतरण का कोई गहरा सिंडिकेट सक्रिय है? बुधवार को उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पुलिस की जांच टीम मेडिकल कॉलेज रामपुर और ओपेक अस्पताल कैली का दौरा किया और संदिग्ध गतिविधियों के बारे में साक्ष्य जुटाए।
वहीं दूसरी तरफ मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले में कुछ एमबीबीएस छात्र-छात्राओं को तलब कर पूछताछ भी की है। कॉलेज प्रशासन ने परिसर के मुख्य गेट और अन्य संवेदनशील स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की गहनता से जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके। इसके अलावा, सुरक्षा गार्डों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि परिसर में आने-जाने वाले प्रत्येक बाहरी व्यक्ति का विस्तृत रिकॉर्ड रखा जाए। खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी चौंकाने वाली है। बताया जा रहा है कि धर्मांतरण का मुख्य निशाना मेडिकल कॉलेज की छात्राएं और महिला रेजिडेंट डॉक्टर हैं। यह गिरोह पहले छात्राओं से तालमेल बढ़ाता है, फिर उन्हें भावनात्मक रूप से बरगलाकर संगठन से जोड़ने की कोशिश करता है। सूत्रों का दावा है कि परिसर में एक विशेष समय पर संदिग्ध मीटिंग्स होती थीं, जिसमें पड़ोसी गांवों के लोग भी शामिल होकर धर्मांतरण की रणनीति तय करते थे। धर्मांतरण का कनेक्शन मेडिकल कॉलेज से जुड़ते ही छात्राओं के अभिभावक चिंता में हैं। कई छात्राओं ने बताया कि उनके परिजन लगातार फोन कर उनसे स्थिति की जानकारी ले रहे हैं और उन्हें सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए लोकल इंटेलिजेंस यूनिट और अन्य जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। बोले उप प्राचार्य मेडिकल कॉलेज का नाम धर्मांतरण के प्रकरण में आने के बाद हम पूरी तरह सतर्क हैं। मुख्य गेट से लेकर पूरे परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरे से की जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों और बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश की गहन मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं। - डॉ. अनिल यादव, उप प्राचार्य मेडिकल कॉलेज।

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