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27 जनवरी, 2020|12:38|IST

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पहली बार सिपाही बने बीट पुलिस अफसर, नई व्यवस्था लागू

पहली बार सिपाही बने बीट पुलिस अफसर, नई व्यवस्था लागू

जिले में पॉयलट प्रोजेक्ट के लिए चयन दो थानों में गुरुवार से नई बीट व्यवस्था लागू कर दी गई। इसमें सदर सर्किल से कोतवाली और कलवारी सर्किल से नगर थाने का शामिल किया गया है। नगर थाने में 28 बीट व कोतवाली में 39 बीट का निर्धारण किया गया है। 31 मार्च तक पॉयलट प्रोजेक्ट के परिणाम के आधार पर इसे सभी थानों में लागू करने पर निर्णय होगा।

बीट निर्धारण के लिए जनसंख्या 2011 के आंकड़ों को लिया गया है। इसके तहत नगरीय क्षेत्र तीन से चार हजार आबादी पर एक बीट का निर्धारण किया गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में पांच से छह हजार की आबादी पर बीट की जिम्मेदारी तय की गई है। यहां तैनात सिपाही को बीट अफसर का नाम दिया गया है। कोतवाली और नगर थानों में बीट आंवटन के साथ ही गुरुवार से यह व्यवस्था प्रभावी कर दी गई है।

डीजीपी स्तर से बनाई गई व्यवस्था के तहत तैनात होने वाले बीट अफसर सबसे पहले अपने आवंटित क्षेत्र का भौगोलिक, सांस्कृतिक, आपराधिक और सामाजिक गतिविधियों का लेखा-जोखा भी तैयार करेंगे। इन्हें उपलब्ध कराए जाने वाले संसाधनों की उपलब्धता का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। जल्द ही सभी संसाधन भी उपलब्ध करा दिए जाएंगे।

पॉयलट प्रोजेक्ट के तौर पर सदर सर्किल से कोतवाली व कलवारी सर्किल से नगर थाने में 16 जनवरी से बीट प्रणाली व्यवस्था लागू कर दी गई है। बीट का निर्धारण जनसंख्या 2011 के आधार पर आबादी के हिसाब से किया गया है।

पंकज, प्रभारी एसपी/एएसपी

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  • Web Title:Beat police officer becomes soldier for the first time new system implemented