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चिकित्सकों की फौज, महिला अस्पताल हर्रैया में नहीं हो रहे ऑपरेशन से प्रसव

हर्रैया। 100 बेड महिला अस्पताल हर्रैया में संशाधनों का अभाव है। जिससे अस्पताल सिर्फ...

चिकित्सकों की फौज, महिला अस्पताल हर्रैया में नहीं हो रहे ऑपरेशन से प्रसव
हिन्दुस्तान टीम,बस्तीFri, 08 Dec 2023 01:30 PM
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हर्रैया। 100 बेड महिला अस्पताल हर्रैया में संशाधनों का अभाव है। जिससे अस्पताल सिर्फ दिखावा बनकर रह गया है, तो वहीं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की तैनाती न होने से साफ-सफाई की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। अस्पताल में चिकित्सकों की फौज है, बावजूद इसके ऑपरेशन से प्रसव की सुविधा नहीं है। आज भी मरीजों को इसका इंतजार है।
अस्पताल में अभी तक जांच की कोई भी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। ऐसे जो मरीज आते भी उन्हें विभिन्न चिकित्सकीय जांच के नाम पर निजी अल्ट्रासाउंड व लैब वालों से लुटना पड़ता है। यही कारण है कि मरीज इस अस्पताल पर आने से कतरा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग सुविधाओं को बढ़ाने में कोई रुचि नहीं दिखा रहा हैं। अस्पताल का आधारशिला पांच मई 2016 को रखा गया था। 32 करोड़ की लागत से अस्पताल दिसंबर 2022 में बनकर तैयार हुआ। जिसका उद्घाटन 27 दिसंबर 2022 को हुआ था। यहां पर छह से अधिक चिकित्सक तैनात हैं। जो कभी कभार ही आते हैं।

गुरुवार को महिला अस्पताल हर्रैया की पड़ताल किया तो हकीकत सामने आया। दोपहर एक बजे अस्पताल में सीएमएस सहित अस्पताल कक्ष में डॉ सूर्य प्रकाश व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एमके चौधरी और सीएमएस डॉ. सुषमा जायसवाल समेत पांच चिकित्सक मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए मिले। सीबीसी मशीन उपलब्ध है लेकिन अभी तक संचालित नहीं है। जरूरी उपकरण न होने से मशीन शोपीस है। जिसके चलते मरीजों को बाहर से जांच करानी पड़ती है। जबकि मरीजों को अंदर से सभी दवाइयां मिल रही हैं। अस्पताल में दो एलटी शैलेश सिंह व अनिल चौधरी हैं। ऑपरेशन से प्रसव के लिए विशेषज्ञों के साथ अन्य चिकित्सक तैनात हैं, फिर भी सेवा ठप है।

व्यवस्थित है प्रसव कक्ष

अस्पताल का प्रसव कक्ष व्यवस्थित दिखा। यहां प्रसव पीड़िता के आने पर प्रसव कराया जा रहा है। लेकिन अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की तैनाती न होने से साफ-सफाई और वार्ड ब्वाय न होने से मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। इससे ऑपरेशन की सुविधा भी मरीजों को नहीं मिल पा रही है। अस्पताल में मरीज को बैठने के लिए बेंच है।

30 बेड ऑक्सीजन पाइप से जुड़े

100 शैय्या महिला अस्पताल हर्रैया के 30 बेड को कोरोना काल में ऑक्सीजन पाइप लाइन से जोड़ तो दिया गया पर इस्तेमाल न होने से उपकरण खराब होने की स्थिति में है। इसके साथ ही यहां ऑक्सीजन के 24 सिलेंडर भी रखे गए हैं। अस्पताल में जांच की कोई भी मशीनें अभी तक स्थापित नहीं है। अस्पताल की सीएमएस डॉ. सुषमा जायसवाल ने बताया कि जांच की सुविधा शुरू करने के लिए शासन को कई बार पत्र भेजा गया। वहीं चतुर्थ श्रेणी के लिऐ पत्राचार किया गया है।

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