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पीआईसीयू में 50 बेड तैयार, आक्सीजन के लिए डाली गई पाइप लाइन

हिन्दुस्तान टीम,बस्तीPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 05:33 AM
पीआईसीयू में 50 बेड तैयार, आक्सीजन के लिए डाली गई पाइप लाइन

बस्ती। निज संवाददाता

कोविड की तीसरी लहर के लिए मेडिकल कॉलेज को तैयार किया जा रहा है। तीसरी लहर में सबसे ज्यादा बच्चों के प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए पीडियाट्रिक वार्ड में बड़े पैमाने पर बेड बढ़ाए जाने के साथ ही वहां पर ऑक्सीजन व वेंटीलेटर की व्यवस्था कराई जा रही है।

मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा इकाई ओपेक अस्पताल कैली में पहले से ही पीआईसीयू संचालित हैं। यहां पर वर्तमान में वेंटीलेटरयुक्त 15 बेड को तैयार कर लिया गया है। इसके अलावा पुराने भवन की दूसरी मंजिल पर 50 बेड तैयार कर लिए गए हैं। सभी बेड तक ऑक्सीजन की पाइप लाइन को दौड़ा दिया गया है। इसी के साथ 20 बेड और बढ़ाया जा रहा है। भवन की रंगाई-पुताई की जा रही है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि उनका लक्ष्य 100 बेड से ज्यादा का इंतजाम करना है।

मेडिकल कॉलेज को कोविड अस्पताल बनाया गया है। यहीं पर पॉजिटिव मरीजों को रखा जा रहा है। कोविड की तीसरी लहर की संभावनाओं के बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज के पीआईसीयू का विशेष रूप से निरीक्षण किया था। मेडिकल कॉलेज में उन्होंने बच्चों के इलाज के लिए 100 बेड का वार्ड बनाए जाने का निर्देश दिया था। इसके बाद से मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कार्य योजना बनाकर उपकरणों की डिमांड शासन को भेजी जा चुकी है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर भवन की मरम्मत, रंगाई पुताई व ऑक्सीजन आदि की व्यवस्था कराई जा रही है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार का कहना है कि सभी स्तर से तैयारियां की जा रही हैं। 15 बेड का पीआईसीयू इलाज के लिए पूरी तरह तैयार है।

जिला अस्पताल के पीआईसीयू वार्ड में वेंटीलेटरयुक्त 15 बेड है। इसी के साथ पीआईसीयू की ऊपरी मंजिल पर 14 बेड और वेंटीलेटरयुक्त तैयार किए जाने की योजना है। इसका प्रस्ताव बनाकर उच्चाधिकारियों को प्रेषित किया जा चुका है। किसी के बीमार होने की दशा में उसे सबसे पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया जाता है, इसके बाद उसकी कोविड की जांच कराई जाती है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसे कोविड अस्पताल रेफर किया जाता है। ऐसी दशा में जिला अस्पताल में भी भर्ती की पर्याप्त व्यवस्था होना जरूरी है।

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