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13 अप्रैल, 2021|4:51|IST

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श्रमिक स्पेशल ट्रेन ,बसों के बावजूद सड़कों पर मजदूरों का रेला

श्रमिक स्पेशल ट्रेन ,बसों के बावजूद सड़कों पर मजदूरों का रेला

प्रवासी मजदूरों को घर भेजने के लिए सरकार श्रमिक स्पेशल ट्रेन और बसें चला रही है। इसके बावजूद सड़कों पर गृहस्थी का बोझ लादे मजदूरों का रेला कम नहीं हो रहा है। जिले के सड़कों पर पैदल चलते लोग आसानी से देखे जा सकते हैं।

हाईवे से लेकर शहर के अंदर तक जगह-जगह प्रवासी मजदूरों का रेला नजर आ रहा है। महीनों से दूसरे शहर में फंसे निराश यह लोग अब पैदल ही गंतव्य की ओर निकल चुके हैं। बीच- बीच में मिलने वाले ट्रक और अन्य वाहनों से दूरी कुछ कम जरूर हो रही है। मगर इसके बाबजूद सैकड़ों किलोमीटर का सफर इन्हें पैदल ही तय करना पड़ रहा है। शुक्रवार को हिन्दुस्तान की टीम ने घरों की ओर जा रहे कामगार मजदूरों से बात की। इस दौरान ज्यादातर मजदूर घर भेजने के समुचित इंतजाम ना होने से नाराज दिखे।

पैसे खत्म हुए तो पैदल चल दिए घर

गया के रहने वाले राजू नजीमाबाद की एक फैक्ट्री में मजदूरी करते थे। लॉक डाउन में फैक्ट्री बंद होने से उनका काम भी छूट गया। बिना रोजगार दो माह तक घर से दूर फंसे रहने पर जमा पूंजी भी खत्म हो गई। पैसे खत्म होने पर साथियों के साथ राजू पैदल ही घर की ओर निकल पड़े। हाईवे पर पैदल जाते राजू को सरकार द्वारा घर भेजने के बारे में पूछा तो उन्होंने ऐसी किसी सुविधा की जानकारी होने से इनकार किया।

ऑनलाइन नाम लिखवाने पर ही मिलेगी श्रमिक स्पेशल

बिहार के रहने वाले बिरजू हाईवे पर पैदल घर जाते मिले। बिरजू से जब श्रमिक एक्सप्रेस चलने की बात की तो उन्होंने बताया सुना है इंटरनेट पर नाम लिखवाने पर ही उसमें बैठ पाएंगे। अब हम ठहरे अनपढ़ आदमी इसलिए पैदल ही चल दिए।

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  • Web Title:Workers 39 special train workers 39 streets on roads despite buses