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गांव में महिलाएं खा रही गुटखा, शहर में सिगरेट बना शौक

गांव में महिलाएं खा रही गुटखा, शहर में सिगरेट बना शौक

जागरूकता अभियान, प्रचार-प्रसार के चलते धूमपान में कमी तो आई है लेकिन नाममात्र की। दूसरी ओर, चिंता का विषय है कि महिलाओं में तंबाकू सेवन की प्रवृत्ति लगातार बढ़ती जा रही है। खासकर शहर में जहां महिलाएं सिगरेट पी रही हैं तो वहीं देहात में महिलाओं में गुटखा खाने और बीड़ी पीने का शौक बढ़ा है। तंबाकू उत्पादों के खतरे को देखते हुए हर साल विश्व स्वास्थ्य संगठन 31 मई को विश्व तंबाकू निषेद्य दिवस मनाता है। इस साल गुरुवार को विश्व तंबाकू निषेद्य दिवस पर जागरूकता रैली निकाली जाएगी। तंबाकू उत्पादों के खतरे के प्रति लोगों को आगाह करने के लिए रैली, नुक्कड़ नाटक किए जाते हैं। समय-समय पर अभियान चलाकर सामूहिक स्थान पर धूमपान करने वालों का चालान किया जाता है। स्कूल-कालेज के आसपास तंबाकू उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाती है। लेकिन इसके बाद भी तंबाकू उत्पादों के सेवन में मामूली कमी ही आई है। - इस साल 40 लोगों का चालान सीएमओ डा. वीके शुक्ल ने बताया कि इस साल अभियान चलाकर अब तक 40 लोगों का चालान किया जा चुका है। उनसे विभाग ने 5670 रुपये जुर्माना वसूला गया है। उन्होंने बताया कि विश्व तंबाकू निषेद्य दिवस पर अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। - सिस्टर ने चलाया अभियान जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड की नर्सिंग स्टाफ इंचार्ज सिस्टर डेजी ने धूम्रपान करने वालों के खिलाफ अकेले ही अभियान चलाया है। वह वार्ड या आसपास सिगरेट-बीड़ी पीने वालों का चालान कर देती हैं और उससे जुर्माना वसूलकर अस्पताल के खाते में जमा कर देती हैं। उनकी हनक ऐसी है कि कोई बच्चा वार्ड के आसपास तंबाकू का सेवन करने से बचता है।

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  • Web Title:Women in the village eat gutkha, cigarette making hobbies in the city