What were their hobbies too which the thief gang was made to fulfill - ऐसे भी क्या शौक थे इनके, जिसे पूरा करने के लिए बना डाला चोर गैंग DA Image
20 फरवरी, 2020|7:47|IST

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ऐसे भी क्या शौक थे इनके, जिसे पूरा करने के लिए बना डाला चोर गैंग 

महंगे शौक पूरे करने के लिए शीशगढ़ के बदमाशों ने गैंग बना डाला। ये गैंग यूपी से उत्तराखंड तक मोबाइल की चोरी व लूट कर उन्हें औने-पौने दामों पर बेचता था। सोमवार को गैंग की शीशगढ़ पुलिस से मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने गैंग के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। गैंग के बाकी सदस्यों के बारे में पूछताछ की जा रही है। एसपी ग्रामीण संसार सिंह ने बताया कि शीशगढ़ पुलिस रविवार को चेकिंग कर रही थी।

सूचना मिली कि शीशगढ़ रोड स्थित निर्माणाधीन कॉलेज के पास कुछ बदमाश डकैती की साजिश रच रहे हैं। एसआई अरुण कुमार व एसआई सतेन्द्र कुमार समेत टीम पहुंची। यहां बदमाशों ने पुलिस पर फायर कर दिये। जवाबी फायरिंग के बाद पुलिस ने पांच बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों में आकाश निवासी खमरिया शीशगढ़, गजेन्द्र निवासी बंजरिया शीशगढ़, अमित कुमार निवासी बंजरिया शीशगढ़, मुनीश सारस्वत निवासी खमरिया शीशगढ़ और विशाल निवासी खमरिया शीशगढ़ शामिल हैं। बदमाशों की निशानदेही पर पुलिस ने 315 बोर का तमंचा, 12 बोर तमंचा, 15 ब्रांडेड मोबाइल व तीन बाइक बरामद कीं।

राह चलते लोगों को बेचते थे मोबाइल

बदमाशों ने बताया कि मोबाइल चोरी या लूट के बाद राह चलते लोगों को मजबूरी बताकर मोबाइल बेच देते थे जो लोग उनके झांसे में आ जाते थे वे ब्रांडेड मोबाइल के तीन से चार हजार तक रुपये दे देते थे। मोबाइल शॉप पर मोबाइल बेच देते थे। हाल ही में बहेड़ी में दो पक्षों में विवाद हो रहा था। एक पक्ष की बाइक में चाबी लगी थी। मौका पाकर आकाश बाइक लेकर फरार हो गया था। 

आरोपियों ने बहेड़ी व उत्तराखंड में कई वारदात कबूलीं

बदमाशों ने बताया कि बहेड़ी व उत्तराखंड के सितारगंज पुल भट्टा में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। मीरगंज के पास तीन मोबाइल चोरी किये। मुनीश ने 9 जनवरी को को बहेड़ी के सेंटर प्वाइंट मार्केट में साथी गजेन्द्र के साथ मिलकर बाइक चोरी की थी। बहेड़ी के मोहम्मदपुर से कई बाइक चोरी की। उन पर बहेड़ी थाने में जानलेवा हमला, चोरी, धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। 

पढ़ाई में मन नहीं लगा तो बना डाला गैंग 

आरोपी ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं। आकाश ने12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी। उसके पिता पेट्रोल पंप पर काम करते हैं। गजेंद्र ने 8वीं कक्षा पास करने के बाद पढ़ाई छोड़ दी तो मुनीश ने 12वीं के बाद। गैंग का सरगना मुनीश है।  

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