
जागरूकता का असर, प्रदेश में सबसे कम बरेली में हुए सड़क हादसे
Bareily News - मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क हादसों में मौतों को कम करने के लिए पुलिस को निर्देश दिए थे। बरेली में 16.7 प्रतिशत कमी देखी गई है। हालांकि, कुछ जनपदों में हादसों की संख्या में वृद्धि हुई है। वर्ष 2025 में 21.1 प्रतिशत हादसों और 16.7 प्रतिशत मौतों में कमी आई है।
सड़क हादसों में होने वाली मौतों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2025 में पुलिस को विशेष प्रयास कर इनमें कमी लाने के निर्देश दिए थे। बरेली में इसका सार्थक परिणाम सामने आया और हादसों में होने वाली मौतों में 16.7 प्रतिशत कमी आई, जो पूरे प्रदेश में सर्वाधिक है। वहीं, कुछ जनपद ऐसे भी हैं, जिनमें हादसों की संख्या घटने के बजाय बढ़ गई है। पूरे प्रदेश में हर साल हजारों लोग सड़क हादसों में असमय ही जान गंवा देते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे गंभीरता से लेते हुए इनमें कमी लाने के निर्देश दिए थे। इस पर पुलिस की ओर से यातायात नियमों का पालन कराने के लिए सख्ती, जागरूकता और हादसे के बाद तत्काल मदद समेत तमाम उपाय किए थे।

इन सब प्रयासों का सार्थक परिणाम भी सामने आया है और पिछले साल की अपेक्षा वर्ष 2025 में होने वाले हादसों में 21.1, मौतों में 16.7 और घायलों में 27.5 प्रतिशत कमी आई है। वर्ष 2024 में नवंबर तक 1083 हादसों में 455 लोगों की मौत हुई और 1051 लोग घायल हुए। वर्ष 2025 में 855 हादसे हुए, जिनमें 379 लोगों की मौत और 762 लोग घायल हुए। प्रदेश में बढ़ गया हादसों का ग्राफ कुछ जिलों में ज्यादा हादसे होने के चलते प्रदेश भर में पिछले साल की अपेक्षा सड़क हादसों और उनमें होने वाली मौतों का ग्राफ बढ़ गया है। वर्ष 2024 में नवंबर तक 41483 हादसों में 21710 लोगों की मौत हुई और 31273 लोग घायल हुए। वर्ष 2025 में 46233 हादसे हुए, जिनमें 24776 लोगों की मौत हुई और 35159 लोग घायल हुए। इसकी वजह कई जिलों में यह आंकड़ा बढ़ना है। 65 जिलों में हादसों में बढ़ी मौतों की संख्या प्रदेश के 65 जिलों में मौत के आंकड़े बढ़े हैं। इनमें प्रयागराज में मौत का ग्राफ 40.8, रायबरेली में 40.3, सोनभद्र में 39.2, पीलीभीत में 37.9, महोबा में 36.6, देवरिया में 36.6, चित्रकूट में 35.7, भदोही में 35.4, संतकबीरनगर में 33.8, फतेहगढ़ में 33.7, हापुड़ में 31.1, मैनपुरी में 31.8, आगरा में 31, चंदौली में 30.9, इटावा में 28.3, जौनपुर में 26.7, अलीगढ़ में 24.6, गाजीपुर में 20.4, सहारनपुर में 20.2, मुरादाबाद में 19.8, गोरखपुर में 19.6, बस्ती में 19.5, बस्ती में 19.5, मीरजापुर में 19.2, सीतापुर में 19.1, झांसी में 18.8, कानपुर देहात में 18.6, उन्नाव में 18.4, एटा में 17.7, सिद्धार्थनगर में 17.3, श्रावस्ती में 17.1, कन्नौज में 16.7, संभल में 16.6, वाराणसी में 16.5, आजमगढ़ में 16.2, लखनऊ में 16.2, मथुरा में 15.9, महाराजगंज में 15.8, ललितपुर में 15, प्रतापगढ़ में 13.8, अंबेडकरनगर में 13.6, कुशीनगर में 13.4, गौतमबुद्धनगर में 13.1, रामपुर में 13.1, बलरामपुर में 12.1, सुल्तानपुर में 11.7, हमीरपुर में 11.7, कौशांबी में 11.7, कानपुर नगर में 11.6, बहराइच में 9.4, अयोध्या में 9.1, अमेठी में 8.8, बांदा में 8.8, कासगंज में 8.7, गाजियाबाद में 7.4, जालौन में 6, मऊ में 5.5, औरैया में 5.1, हाथरस में 4.8, फतेहपुर में 4.3, बुलंदशहर में 3.9, बाराबंकी में 3.9, शाहजहांपुर में 3.2, बागपत में 3.1 प्रतिशत बढ़ा है। इन जिलों में भी घटे मौत के आंकड़े मौत के आंकड़ों में सर्वाधिक 16.7 प्रतिशत कमी बरेली में आई। इसके अलावा शामली में 12.2, बलिया में 11.7, मुजफ्फरनगर में 10.5, खीरी में 8.8, अमरोहा में 7.8, फिरोजाबाद में 1.9, गोंडा में 1.8 प्रतिशत कमी आई। बिजनौर में पिछले साल और इस साल मौतों के ग्राफ में कोई अंतर नहीं आया। वर्जन शासन की मंशा के अनुरूप जनपद को सड़क हादसों में शून्य मृत्यु दर बनाने के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत है। इसके लिए जागरूकता अभियान और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। इसके सार्थक परिणाम सामने आए हैं और जनपद में हादसों में हादसों में 21.1 व मौतों में 16.7 प्रतिशत की कमी आई है। आगे भी इसके प्रयास जारी रहेंगे। - अनुराग आर्य, एसएसपी

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