शासन के आश्वासन ठंडे, आशाओं का हो रहा उत्पीड़न

Newswrap हिन्दुस्तान, बरेली
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Bareily News - उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन ने कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा। 6 फरवरी को उपमुख्यमंत्री से वार्ता के बाद 55 दिन का आंदोलन समाप्त हुआ था, लेकिन कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न जारी है। 2019 से 2023-24 तक की राशि का भुगतान लटका हुआ है। यूनियन ने चार सूत्रीय मांगों पर सहमति की मांग की है।

शासन के आश्वासन ठंडे, आशाओं का हो रहा उत्पीड़न

उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन की ओर से मंगलवार को कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान यूनियन की जिला उपाध्यक्ष सुनीता गंगवार ने बताया कि यूनियन के पदाधिकारियों के साथ विगत 6 फरवरी को उपमुख्यमंत्री की वार्ता के बाद 55 दिन से जारीआंदोलन को समाप्त कर दिया गया था। वहीं यूनियन पदाधिकारियों की 9 फरवरी को बैठक में विभिन्न बिंदुओं पर वार्ता हुई। वार्ता समय में विश्वास दिलाने के बावजूद यूनियन की पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न जारी है। वर्ष 2019 से 2023_24 तक की राशि समेत अन्य कार्यक्रमों का भुगतान लटका हुआ है। इसको जारी करने के साथ ही चार सूत्रीय मांगों पर सहमति घोषणा करने की मांग की है।

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