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1 अगस्त, 2020|3:15|IST

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आंवला में सहकारी समितियों से यूरिया गायब, किसान बेहाल

आंवला में सहकारी समितियों से यूरिया गायब, किसान बेहाल

आंवला तहसील क्षेत्र में धान की फसल लगने के बाद इस समय ड्रेसिंग के लिए यूरिया की जरूरत है। किसान सहकारी समितियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समितियों से यूरिया गायब है। वहीं खुले बाजार में भी यूरिया की किल्लत बनी हुई है।

नगर की सहकारी समितियों पर बताया गया कि सात दिन पहले एक-एक ट्रक यूरिया आई थी, जो किसानों को बांटी जा चुकी है। आंवला पूर्वी समिति में 72 टन और आंवला पश्चिमी समिति ने 24 टन यूरिया के लिए पैसा जा कर रखा है। लेकिन ट्रांसपोर्टेशन की सही व्यवस्था न होने से खाद नहीं आ पा रही है। यूरिया कारोबार से जुड़े एक व्यापारी ने बताया कि यूरिया की कोरोना महामारी के चलते पर्याप्त रैक नहीं लग पा रही हैं, जिससे खुले बाजार में भी यूरिया मिलना मुश्किल हो रहा है। बिशारतगंज में किसानों का कहना है कि रेट 270 वसूले जा रहे हैं, साथ पल्लेदार दो रुपए अलग से लेते हैं। राजपुर कलां समिति पर गिरधरपुर के हंसपाल ने बताया कि 280 रुपए में से उसे खाद दिया गया है। बरसेर की सहकारी समिति केसरपुर, लीलौर बुजुर्ग, व्योंधन खुर्द पर खाद नहीं है। किसान सोसायटी पर चक्कर लगाकर लौट जाते हैं। अटा फुंदापुर के सोहनलाल का आरोप है कि पहले नेताओं को और बाद किसानों को खाद मिलता है। प्राइवेट दुकानदार मनमाने रेट पर खाद बेंच रहे हैं।

भमोरा में इफको सेंधा किसान सेवा केन्द्र पर सुबह से लाइन में लगे बदायूं के युसुफनगर के इरफान, साकिर हुसैन, अम्बियापुर के अंकित कुमार ने बताया कि उनके जिले में भी यूरिया उपलब्ध नहीं है। प्राइवेट दुकानदार यूरिया के बैग के साथ जिंक का कट्टा भी जबरन बेच रहे हैं। केन्द्र प्रभारी अनिल दत्त शर्मा ने बताया कि उनके केन्द्र पर इस समय 46 सौ बैग यूरिया उपलब्ध है और जल्द ही और भी आने वाली है।

एसडीएम आंवला कमलेश कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्र में यूरिया की बनावटी किल्लत पैदा किए जाने की जानकारी मिली है। वह सभी सोसायटियों की आकस्मिक जांच कराएंगे, खाद वितरण के लिए लेखपालों की डयूटी लगाई जाएगी। यूरिया की कालाबाजारी नहीं होने दी जाएगी।

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  • Web Title:Urea missing from cooperative societies in Amla farmers suffering