
अल्ट्रासाउंड में दिखा एक बच्चा, पैदा हुए जुड़वा
Bareily News - बरेली में अल्ट्रासाउंड जांच के दौरान जुड़वा बच्चे होने की जानकारी दी गई, लेकिन महिला ने एक ही बच्चे को जन्म दिया। अस्पताल में हड़कंप मच गया, और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे। सीएमएस ने मामले की जांच कराने का आदेश दिया है, जबकि परिवार ने किसी भी तरह की शिकायत नहीं की है।
अल्ट्रासाउंड की गड़बड़ी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अल्ट्रासाउंड में दो बच्चे दिखने और एक बच्चे की डिलीवरी होने के बाद अब अल्ट्रासाउंड में एक बच्चा दिखने और दो बच्चों की डिलीवरी होने से इसकी जांच प्रक्रिया ही सवालों के घेरे में आ गई है। इसको लेकर अस्पताल में हड़कंप मचा है। इज्जतनगर के मोहल्ला अंबेडकरनगर निवासी आकाश ने प्रसव पीड़ा होने पर शुक्रवार सुबह करीब साढ़े छह बजे अपनी पत्नी आरती को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया। भर्ती करने के दौरान अस्पताल के स्टाफ ने परिजन से आरती की पूर्व में हुई जांच और उनकी रिपोर्ट मांगी।
इस पर आकाश ने उन लोगों को सुभाषनगर में तिलक कॉलोनी स्थित ओशो अल्ट्रासाउंड सेंटर की 11 अक्तूबर का अल्ट्रासाउंड दिया, जिसमें गर्भ में एक बच्चा होना लिखा था। इसी आधार पर स्टाफ ने लेबर रूम में ले जाकर प्रसव कराया तो आरती ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। इससे आरती के परिजन भी सकते में पड़ गए। हालांकि जच्चा-बच्चा दोनों की हालत स्थिर है। अस्पताल स्टाफ ने सीएमएस को पूरे मामले की जानकारी दी तो उन्होंने जांच कराने की बात कही है। वर्जन निजी सेंटर पर हुई जांच रिपोर्ट में एक शिशु होना दर्ज था, लेकिन मरीज ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया है। स्टाफ की सूचना के बाद निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच रिपोर्ट के आधार पर सीएमओ को मामले से अवगत कराकर जांच के लिए कहा जाएगा। - डॉ. त्रिभुवन प्रसाद, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल अभी यह प्रकरण मेरी जानकारी में नहीं है। अगर गर्भवती महिला की रिपोर्ट में किसी प्रकार की गलती हुई है तो इसकी जांच कराकर अल्ट्रासाउंड जांच में त्रुटि करने वाले सेंटर के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई होगी। - डॉ. लईक अंसारी, नोडल अधिकारी पीसीपीएनडीटी --------------- अल्ट्रासाउंड में जुड़वा लेकिन एक शिशु पैदा होने की जांच जारी - आठ दिसंबर को जिला महिला अस्पताल में सामने आया था मामला - अस्पताल व निजी सेंटर के अल्ट्रासाउंड में बताया गया था जुड़वा गर्भ बरेली, मुख्य संवाददाता। अल्ट्रासाउंड में जुड़वा लेकिन एक डिलीवरी के दौरान एक शिशु पैदा होने के मामले में भी जांच अभी जारी है। इस मामले में परिवार ने कोई शिकायत नहीं की है, जिसके चलते जांच अधिकारी भी इसमें कोई खास रुचि नहीं ले रहे हैं। बता दें कि भुता के गांव गजनेरा निवासी सुरेश बाबू की पत्नी राजेश्वरी की आठ दिसंबर को जिला महिला अस्पताल में डिलीवरी में हुई तो उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया। इससे वहां हड़कंप मच गया क्योंकि डिलीवरी से कुछ दिन पहले उन्होंने भुता में बीसलपुर रोड स्थित बरेली अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जांच कराई तो उसमें जुड़वा बच्चे बताए गए थे। कुछ दिन बाद परिवार वाले राजेश्वरी को दिखाने महिला अस्पताल आए तो यहां भी उनका अल्ट्रासाउंड किया गया और उसमें भी जुड़वां बच्चे ही बताए गए। इसके बाद परिवार भी मान रहा था कि उसे जुड़वा बच्चे पैदा होंगे लेकिन एक ही बेटी पैदा होने से हड़कंप मच गया और एक बच्चा गायब होने की आशंका जताई गई। अल्ट्रासाउंड सेंटर की नहीं हुई जांच इस मामले में अस्पताल प्रशासन ने अपनी भूमिका स्पष्ट करने के लिए जांच कराई, जिसमें स्पष्ट हो गया कि महिला ने एक ही बच्चे को जन्म दिया था। मगर परिवार ने निजी और सरकारी अल्ट्रासाउंड सेंटर के खिलाफ शिकायत नहीं की तो उस पर जांच व कार्रवाई को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

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