एएनएम ने सीखी हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान

Mar 14, 2026 02:33 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बरेली
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Bareily News - फरीदपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान और प्रबंधन पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। इसमें एएनएम और स्टाफ नर्स को गर्भवती महिलाओं में उच्च जोखिम वाली स्थितियों की पहचान का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी साझा की गई।

एएनएम ने सीखी हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरीदपुर के सभागार में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान एवं प्रबंधन विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हो गया। ट्रेनिंग में ब्लॉक के सभी एएनएम तथा स्टाफ नर्स को गर्भवती महिलाओं में उच्च जोखिम वाली स्थिति को समय पर पहचानने के लिए प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान एएनएम को बताया गया कि गर्भावस्था के दौरान हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के प्रमुख संकेतों में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, एनीमिया, पिछले गर्भपात का इतिहास, जुड़वा बच्चे, उम्र संबंधी जोखिम आदि शामिल हैं। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुराग गौतम ने अनुमानित गर्भवती महिलाओं की गणना, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की संख्या का आकलन, गर्भावस्था की प्रारंभिक पहचान, अंतिम मासिक धर्म से अपेक्षित प्रसव तिथि की गणना जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी दी।

डॉ. मोनिका गुप्ता ने बताया कि उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (एचआरपी) वह स्थिति है, जिसमें मां या शिशु के स्वास्थ्य को सामान्य से अधिक खतरा होता है। ऐसी गर्भवती महिलाओं को विशेष चिकित्सा देखभाल और निरंतर निगरानी की आवश्यकता होती है। इस प्रशिक्षण का लक्ष्य ऐसी जटिलताओं की पहचान कर उन्हें समय पर प्रबंधित करना है। कार्यक्रम में प्रबंधक अनुराग शर्मा, एआरओ विनीत कुमार, आईओ आशुतोष कुमार का विशेष योगदान रहा।

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