Bareily News: तीन साल तक रोज वसूले साढ़े तीन लाख रुपये, अब हटेगा लभेड़ा टोल
Bareily News: तीन साल तक रोज वसूले साढ़े तीन लाख रुपये, अब हटेगा लभेड़ा टोल स - लंबे समय से उठ रही है लभेड़ा और फरीदपुर टोल प्लाजा को शिफ्ट करने की मांग - परिवहन मं

Bareily News: बरेली, मुख्य संवाददाता। जिले में लंबे समय से बरेली-सितारगंज हाईवे पर स्थित लभेड़ा और बरेली-लखनऊ हाईवे पर स्थित फरीदपुर टोल को शिफ्ट करने की मांग चल रही है। इन टोलों को हटाने के लिए जनप्रतिनिधि भी आवाज उठा चुके हैं। अब जाकर लभेड़ा के टोल प्लाजा को शिफ्ट किए जाने की परिवहन मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। हालांकि शिफ्टिंग में करीब एक वर्ष लगेगा। वर्ष 2023 में शुरू हुए इस टोल से रोजाना लगभग साढ़े तीन लाख रुपये का टोल वसूला जाता है। पूरे देश की तरह बरेली के आसपास भी हाईवे का जाल तेजी से फैला है। लोगों को अच्छी सड़कें तो मिली हैं मगर कहीं न कहीं भारी-भरकम टोल फीस लोगों की जेब काटती रही है। बरेली के लोगों की दिक्कत यह है कि मुख्यालय से निकलते ही 25-30 किमी के दायरे में ही टोल प्लाजा आ जाता है। आसपास जाने के लिए भी भारी फीस देनी पड़ती है। पीलीभीत रोड (बरेली-सितारगंज हाईवे) पर लभेड़ा टोल, दिल्ली रोड पर ठिरिया खेतल (फतेहगंज पश्चिमी) का टोल, लखनऊ रोड पर फरीदपुर का टोल प्लाजा और नैनीताल रोड पर दोहना का टोल से लोग काफी परेशान रहते हैं। जनप्रतिनिधियों से लगातार इन टोलों को लेकर शिकायत होती रही है।
फरीदपुर टोल की मांग
फरीदपुर के टोल को यह कहकर हटाने की मांग होती रही है कि ठिरिया खेतल (फतेहगंज पश्चिमी) और फरीदपुर के टोल के बीच 44 किमी दूरी है। जबकि एनएचएआई के नियमों के अनुसार 60 किमी से कम दूरी पर टोल नहीं बन सकता है। संसद में खुद परिवहन मंत्री नितिन गठकरी ने भी यह बयान दिया था। लगभग इसी तरह से नवाबगंज से पहले पड़ने वाले लभेड़ा टोल प्लाजा का भी लंबे समय से विरोध चल रहा है। इस टोल को वर्ष 2023 में शुरू किया गया था। बुधवार को ही इस टोल की जिम्मेदारी विमल राज आउटसोर्सिंग प्राइवेट लिमिटेड को दी गई है। कंपनी को एक वर्ष का टेंडर 12 करोड़ 97 लाख में मिला है। इससे पहले रक्षक सिक्योरिटी के पास टेंडर था। रक्षक ने 3.58 लाख रुपये प्रति दिन पर यह ठेका लिया था। इस सड़क से रोजाना चार से पांच हजार वाहन गुजरते हैं। अब जाकर इस टोल को हटाने की मंजूरी मिली है।
लभेड़ा टोल का शिफ्टिंग
परिवहन मंत्रालय की मंजूरी के बाद अब लभेड़ा टोल को शिफ्ट किया जाएगा। हालांकि जब तक बरेली-सितारगंज हाईवे का कार्य पूरा नहीं हो जाएगा, तब तक लभेड़ा टोल संचालित रहेगा। बरेली-सितारगंज हाईवे करीब 65 फीसदी पूर्ण हो चुका है। इसे शत प्रतिशत पूर्ण करने के लिए मार्च 2027 का लक्ष्य रखा गया है। मगर माना जा रहा है कि निर्माण जून 2027 तक पूरा हो पाएगा। हाईवे का निर्माण पूरा होने के बाद कुछ अन्य प्रक्रियाओं को पूर्ण करने में समय लगेगा। उसके बाद ही लभेड़ा टोल को बंद किया जाएगा। नए टोल का निर्माण पीलीभीत के पार किया जाएगा।
मंत्रालय की मंजूरी से मिली सौगात
एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर अश्विनी चौहान ने बताया कि पहले पीलीभीत रोड का नंबर एनएच 74 था। लखनऊ रोड एनएच 24 था। अब इन दोनों का नंबर एनएच-30 हो गया है। मतलब कि सितारगंज से आ रहे हाईवे और लखनऊ की तरफ जा रहे हाईवे दोनों का नाम एनएच 30 हो गया है। ऐसे में दोनों टोल के बीच की जब दूरी देखी गई तो लभेड़ा के टोल को शिफ्ट करने की योजना बनी। लोगों को राहत देने के लिए प्रस्ताव मंत्रालय भेजा गया। इसे मंजूरी मिल गई है। फोर लेन सड़क का जो नव-निर्माण चल रहा है, उसका टोल प्लाजा लभेड़ा की जगह पीलीभीत के आगे होगा। बरेली के लोगों के लिए यह एक बड़ी सौगात है.


