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बरेलीझोलाछाप के इलाज ने बनाया ब्लैक फंगस का मरीज

हिन्दुस्तान टीम,बरेलीPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 03:40 AM
झोलाछाप के इलाज ने बनाया ब्लैक फंगस का मरीज

ब्लैक फंगस के कई ऐसे मरीज भी सामने आए हैं जिनकी कोविड पाजिटिव हिस्ट्री ही नहीं है। अब तक माना जा रहा था कि पोस्ट कोविड मरीजों में ब्लैक फंगस संक्रमण देखन को मिल रहा है। लेकिन ब्लैक फंगस के कई मरीजों की कोविड जांच ही नहीं हुई थी। हालांकि उनको बुखार आया था और कई मरीजों ने तो झोलाछाप से इलाज भी कराया था।

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बाद जिस तेजी से ब्लैक फंगस के मरीज बढ़ रहे हैं, डाक्टर मान रहे हैं कि दोनों का आपस में कोई संबंध है। पोस्ट कोविड मरीजों को ब्लैक फंगस हो रहा है, इसमें भी अधिकांश ऐसे मरीज हैं जिनको आक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ी थी और स्टेरायड का सेवन किया था। लेकिन इधर कई मरीज ऐसे भी सामने आ चुके हैं जो कोरोना पाजिटिव थे ही नहीं। मेडिसिटी में ऐसे 8 मरीज भर्ती हो चुके हैं जिनकी कोविड पाजिटिव हिस्ट्री ही नहीं है। पूछने पर मरीजों ने बताया कि उन्होंने कोविड जांच ही नहीं कराई थी। ऐसे में कोविड संक्रमितों की सूची में उनका नाम ही नहीं है और वो सभी नान-कोविड मरीज ही कहे जाएंगे।

झोलाछाप से कराया था इलाज

ब्लैक फंगस के सभी नान कोविड मरीजों को बुखार आया था। किसी ने कोविड सैपलिंग नहीं कराई और न ही जांच हुई। हालांकि बुखार होने पर झोलाछाप से इलाज कराया था। ऐसे में डाक्टरों का मानना है कि उनको झोलाछाप ने स्टारायड दी थी।

मेरे पास कई मरीज ऐसे आ चुके हैं जिनकी कोविड जांच ही नहीं हुई थी। ऐसे मेें मरीज खुद को नान कोविड ही मान रहे थे। सभी की जांच में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। मरीजों की हिस्ट्री से पता चला है कि उनको बुखार आया था और झोलाछाप से इलाज कराया था। - डा. राम सिंह कुशवाहा, मेडिसिटी अस्पताल

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