गोठा खंडूआ में बाबा साहब की मूर्ति लगाने की सूचना पर प्रशासन में हड़कंप

Newswrap हिन्दुस्तान, बरेली
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Bareily News - गांव गोठा खंडूआ में डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्ति लगाने की सूचना पर प्रशासन ने हड़कंप मचाया। सीओ नितिन कुमार और कोतवाल बीनू चौधरी ने दलित समाज से बात कर मामला शांत कराया। लेखपाल ने जांच की और रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी। सभी ने बिना अनुमति मूर्ति न लगाने पर सहमति जताई।

गोठा खंडूआ में बाबा साहब की मूर्ति लगाने की सूचना पर प्रशासन में हड़कंप

आंवला, संवाददाता। थाना क्षेत्र के गांव गोठा खंडूआ में रविवार सुबह डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्ति लगाने की सूचना पर प्रशासन में हड़कंप मच गया। तत्काल सीओ नितिन कुमार, कोतवाल बीनू चौधरी पुलिस फोर्स के साथ पहुंच गए। उन्होंने दलित समाज को समझाकर मामला शांत कराया। लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर जांच की और रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी है।रविवार सुबह गांव के आंबेडकर पार्क परिसर में गड्ढा खोदना शुरू किया, चर्चा रही कि यहां डॉ. आंबेडकर की मूर्ति लगाई जा सकती है। कुछ लोगों ने पुलिस प्रशासन को सूचना दे दी। सीओ नितिन कुमार, कोतवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने दलित समाज के लोगों से वार्ता की।

बताया कि बाबा साहेब की मूर्ति लगाना उचित नहीं है। एसडीएम के निर्देश पर लेखपाल ने मुआयना किया और रिपोर्ट अधिकारियों को दी है। रिपोर्ट में बताया कि भूमि गाटा संख्या 372 रखवा 0.063 हेक्टेयर स्थित है। जिसमें हरनाम, रामदास, महेंद्र पाल, सेवाराम, तुलाराम, ऋषिपाल, सोहनलाल, नीरज, सियाराम, कृष्णा देवी, सुरेश चंद, राजेंद्र का नाम खतौनी में दर्ज है। ये सभी अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखते हैं। खातेदारों की सहमति से इस भूमि पर आंबेडकर पार्क निर्मित है जो 6 साल पूर्व बनाया गया था। उसके चारों ओर 3 फीट ऊंची बाउंड्री है और मेनगेट अभी अधूरा है, पार्क के कोने में आंबेडकर पार्क का बोर्ड लगा है। ग्रामीणों की मीटिंग कर समझा बुझा दिया कि बिना परमिशन के किसी महापुरुष की मूर्ति स्थापित नहीं की जाएंगी। वहां विवाद नहीं है, शांति बनी हुई है। सीओ नितिन कुमार ने बताया कि आपसी संवाद के माध्यम से मामले का निस्तारण कर दिया गया है। एसडीएम विदुषी सिंह ने बताया कि वह परीक्षा ड्यूटी में हैं। लेखपाल से मौके की रिपोर्ट बनाई गई है। गांव में वह भूमि आंबेडकर पार्क के रूप में है। लोग सहमत हो गए हैं कि अभी कोई भी नया कार्य नहीं करेंगे। भविष्य में शासन-प्रशासन से अनुमति लेकर मूर्ति की स्थापना कर सकेंगे।

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