Saturday, January 29, 2022
हमें फॉलो करें :

गैलरी

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेशखोजे नहीं मिल रहे स्पेशल एजुकेटर, कैसे पढ़ें दिव्यांग छात्र

खोजे नहीं मिल रहे स्पेशल एजुकेटर, कैसे पढ़ें दिव्यांग छात्र

हिन्दुस्तान टीम,बरेलीNewswrap
Fri, 03 Dec 2021 03:21 AM
खोजे नहीं मिल रहे स्पेशल एजुकेटर, कैसे पढ़ें दिव्यांग छात्र

शारीरिक और मानसिक दिव्यांगता से पीड़ित बच्चों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने में स्पेशल एजुकेटर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस क्षेत्र में करियर के प्रति जानकारी का अभाव होने के कारण स्पेशल एजुकेटर खोजे नहीं मिल रहे हैं। सरकारी स्कूलों के साथ ही निजी संस्थानों के लिए भी यह समस्या बनी हुई है।

जिले के परिषदीय स्कूलों में 7196 दिव्यांग छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। इसके साथ ही निजी संस्थानों में भी लगभग दस हजार शारीरिक और मानसिक दिव्यांग छात्र-छात्राएं हैं। इनमें से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए स्पेशल एजुकेटर की सबसे अधिक जरूरत पड़ती है। बेसिक शिक्षा विभाग ने स्पेशल एजूकेटर की कमी के चलते हर स्कूल में एक शिक्षक को दिव्यांग नोडल शिक्षक की जिम्मेदारी दी है। इन शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए 12 स्पेशल एजुकेटर तैनात करने हैं। काफी समय से इनकी तैनाती का इंतजार हो रहा है। सरकारी क्षेत्र से हटकर निजी क्षेत्र में देखा जाए तो वहां भी स्पेशल बच्चों को प्रशिक्षित करने के लिए स्पेशल शिक्षकों की भारी कमी है। इसका एक बड़ा कारण इस क्षेत्र में करियर के प्रति जानकारी का अभाव होना है। बीएड के मुकाबले स्पेशल बीएड की सीट भी कम होती हैं। विशेष शिक्षा के डिप्लोमा के बारे में भी युवाओं को कम जानकारी है। इस कारण भी विशेषज्ञ नहीं मिल पा रहे हैं। विशेषज्ञों की कमी से छात्र-छात्राओं की थेरेपी प्रभावित हो रही है।

epaper

संबंधित खबरें