दलित किशोरी से दुष्कर्म में उम्रकैद
विशेष जज पॉक्सो एक्ट तृतीय नर्मता अग्रवाल की विशेष कोर्ट ने दलित किशोरी से जबरन दुष्कर्म के मामले में दोषी खुशीराम वर्मा को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोषी पर पैंतालीस हजार का जुर्माना भी लगाया है, जिसमें से आधी राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया गया है।

दलित किशोरी से जबरन दुष्कर्म करने के मामले में विशेष जज पॉक्सो एक्ट तृतीय न्रमता अग्रवाल की विशेष कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया। विशेष कोर्ट ने दोषी खुशीराम वर्मा को सश्रम आजीवन कारावास की कैद की सजा सुनाई। विशेष कोर्ट ने दोषी पर पैंतालीस हजार का जुर्माना भी ठोका है। जुर्माने में से आधी राशि पीड़िता को देने के भी आदेश विशेष कोर्ट ने दिये हैं। विशेष लोक अभियोजक राजीव तिवारी और सुभव मिश्रा ने बताया कि थाना सिरौली में दलित पीड़िता के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि 1 दिसंबर 2021 की शाम सात बजे गांव का खुशीराम उसकी नाबालिग बेटी को जबरन जंगल में ले गया।
आरोपी ने जबरन उसके साथ दुष्कर्म किया। सिरौली पुलिस ने आरोपी खुशीराम वर्मा के खिलाफ पाक्सो और एससी एसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेजा था।इस केस की सुनवाई विशेष जज पाक्सो एक्ट तृतीय नम्रता अग्रवाल की विशेष कोर्ट में हुई। आरोप साबित करने को विशेष लोक अभियोजक राजीव तिवारी और सुभव मिश्रा ने पीड़िता समेत गवाह पेश किये थे। दोनों पक्ष की दलीलों को सुनकर विशेष कोर्ट ने दलित किशोरी से दुष्कर्म करने के मामले में दोषी खुशीराम को सश्रम आजीवन कारावास की कैद की सजा सुनाई।
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