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बरेलीव्यथा कथा : एक ही परिवार के तीन भाइयों की मौत, मुसीबतों का टूटा पहाड़

हिन्दुस्तान टीम,बरेलीPublished By: Newswrap
Tue, 25 May 2021 03:21 AM
व्यथा कथा : एक ही परिवार के तीन भाइयों की मौत, मुसीबतों का टूटा पहाड़

कोरोना संक्रमण ने सैकड़ों हंसती खेलती जिंदगी निगल ली। शायद ही ऐसा कोई मोहल्ला होगा, जहां चार छह मौत न हुई हो। पंजाबपुरा में एक ही परिवार के तीन भाइयों की मौत से मोहल्ला सहम गया है। एक दिन में दो भाइयों की मौत हुई। उनका दसवां तेहरवीं नहीं हो पाया था। तीसरे भाई ने भी प्राण त्याग दिए।

पंजाबपुरा के लोगों का कहना है, सक्सेना परिवार में सबसे पहले छोटे भाई की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थीं। तीन दिन बाद दोनों भाई और संक्रमित हो गए। एक के बाद एक की तबीयत खराब होती गई। शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। कोरोना संक्रमण का नाम सुनकर ही लोग सहमे हुए थे। हर कोई एक दूसरे से दूर भाग रहा था। निजी अस्पतालों का तो हाल ही बुरा है। सिर्फ पैसे की लूट। काउंटर पर पैसे जमा करो यही अनाउंसमेंट अकाउंट कानों में अभी भी गूंज रहा है। 24 घंटे के अंदर दो सगे भाइयों की मौत ने परिवार को तोड़ दिया था। पैसा खर्च हुआ सो हुआ अपनों की जान नहीं बच पाई। तीसरा भाई भी संक्रमण से जूझ रहा था। दो भाई काल के मुंह मे समा चुके थे। दसवां तेहरवीं भी नहीं हो सकी।

दो भाइयों की मौत का सदमा तीसरे भाई को भी लेकर चला गया। परिवार का आरोप है, निजी अस्पतालों के जो मुख्य डॉक्टर हैं, वह मरीजों को छूना नहीं चाहते। अनट्रेंड ही अस्पताल चलाते हैं। कोविड वार्ड में क्या दवाइयां दी जा रही हैं। कुछ भी पता नहीं है। हालांकि मृतक दो भाई सरकारी नौकरी से रिटायर हो चुके थे। तीसरा भाई मानसिक रुप से अस्वस्थ था। वैसे तो समृद्ध परिवार है, मृतक दोनों बड़े भाई के बच्चे भी सर्विस करते हैं। इस घटना से पूरा परिवार सदमे से गुजर रहा है। परिवार के सदस्यों का कहना है,15 दिन पहले तक सब कुछ सही रहा। अचानक संक्रमण ऐसा फैला जो एक के बाद एक सगे तीन भाइयों को अपनी चपेट में ले बैठा। कभी यह नहीं सोचा था, यह संक्रमण जीवन में ऐसा दु:ख देगा। परिवार का कहना है, बरहाल,अस्पतालों का बहुत ही बुरा हाल है। खुलेआम कोविड के नाम पर लूटा जा रहा। सरकार के नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। पहले ऑनलाइन ट्रांजैक्शन अस्पताल प्रबंधन करा लेता था। जब सरकार ने नियम कायदे लागू किए तो अस्पताल प्रबंधन ने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन ही बंद कर दिया। काउंटर पर कैश पेमेंट जमा कराने लगे।

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