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कब्रिस्तान में कुश्ती सीखने वाली मुस्कान-सपना करेंगी अब 'दंगल' की तैयारी

कब्रिस्तान में कुश्ती सीखने वाली मुस्कान-सपना करेंगी अब 'दंगल' की तैयारी

दंगल फिल्म देखकर बरेली की सपना और मुस्कान ने भी फोगाट बहनों की तरह कुश्ती में कॅरियर बनाने का ख्वाब संजोया था। कब्रिस्तान के अखाड़े में कुश्ती सीखने वाली इन दोनों लड़कियों का कुश्ती हॉस्टल में चयन हो गया है। बरेली से सिर्फ इनका ही चयन हुआ है।

संजय नगर की सपना और मुस्कान पहले हॉकी खेलती थी। तीन वर्ष पहले इन दोनों ने आमिर खान की फिल्म दंगल देखी। दंगल देखते ही दोनों के ऊपर कुश्ती में कॅरियर बनाने का जुनून सवार हो गया। कोच की तलाश में सपना और मुस्कान कब्रिस्तान में चलने वाले मशहूर गुलाब अखाड़े में पहुंच गई। यहां के पहलवान अली बहादुर ने 15-20 दिनों तक दोनों को कुश्ती के गुर सिखाए। कब्रिस्तान में दूसरी लड़कियां नहीं आने के कारण इनको प्रैक्टिस छोड़नी पड़ी। बिना कोच ही दोनों ने प्रैक्टिस जारी रखी। सोमवार को दोनों के हॉस्टल में चयन की खुशखबरी आ गई। आरएसओ विजय कुमार ने बताया कि दोनों खिलाड़ियों का कुश्ती बालिका छात्रावास अयोध्या में चयन हुआ है। इनको अपनी उपस्थिति की सूचना 20 अप्रैल तक सुनिश्चित करानी है। डीएसओ शमीम अहमद, सुनील कुमार, शैवर अली खान आदि कोच ने भी बधाई दी।

महावीर फोगाट से भी साधा था संपर्क : कुश्ती की दीवानी दोनों लड़कियों ने इंटरनेशनल पहलवान गीता और बबिता फोगाट के पिता महावीर फोगाट से भी संपर्क साधा था। महावीर हरियाणा की अपनी अकादमी में उन्हें प्रैक्टिस कराने को तैयार थे। मगर दूरी और खर्च के चलते उनके माता-पिता भेजने के लिए तैयार नहीं हुए।

कड़े संघर्ष पायी सफलता : दोनों खिलाड़ियों ने कड़े संघर्ष के बाद यह सफलता पाई है। सपना के पिता उमेश पाल की चिकन शॉप है। उनकी मां ममता देवी गृहणी हैं। वहीं मुस्कान वर्मा के पिता हुकुम चंद मध्य प्रदेश की चीनी मिल में काम करते हैं। उनकी मां रेखा गृहणी हैं।

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  • Web Title: Smile learning wrestling in the cemetery - Selection in the hostels of the dream