कैसे दूर हो कुपोषण: आंगनबाड़ी केंद्रों पर गलत नाप रहे बच्चों की लंबाई-वजन
Bareily News - कैसे दूर हो कुपोषण: आंगनबाड़ी केंद्रों पर गलत नाप रहे बच्चों की लंबाई-वजनकैसे दूर हो कुपोषण: आंगनबाड़ी केंद्रों पर गलत नाप रहे बच्चों की लंबाई-वजनकैसे

बरेली। जिले के आकांक्षी ब्लॉकों में कुपोषण मिटाने के अभियान पर लापरवाही भारी पड़ रही है। यूनिसेफ की हालिया आकांक्षी ब्लॉक मॉनिटरिंग रिपोर्ट में यह गंभीर तथ्य सामने आया है कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की लंबाई और वजन की माप मानक के अनुसार नहीं की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक मझगवां और दमखोदा जैसे ब्लॉकों में हालत बेहद खराब है, जहां अधिकांश आंगनबाड़ी वर्कर बच्चों का सही वजन तक नहीं ले पा रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार मझगवां ब्लॉक में स्थिति ज्यादा चिंताजनक है। यहां 93 प्रतिशत आंगनबाड़ी वर्कर बच्चों का वजन गलत माप रही हैं। वहीं दमखोदा में 83 प्रतिशत कार्यकत्रियां बच्चों की लंबाई और वजन मापने में विफल साबित हुई हैं।
ऐसे में बच्चों के पोषण स्तर का सही आकलन और उपचार कठिन है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि लंबाई और वजन की माप गलत होती है, तो अति कुपोषित और कुपोषित बच्चों की पहचान नहीं हो पाती। ऐसे में उन्हें मिलने वाला विशेष उपचार और आहार उन तक नहीं पहुंच पाता। क्या हैं नाप के सही मानक यूनिसेफ की रिपोर्ट में लंबाई के लिए 1 सेंटीमीटर और वजन के लिए 200 ग्राम तक के अंतर को ही सही माना गया है। इससे अधिक का अंतर गलत माप की श्रेणी में रखा गया है। आंकड़ों से स्पष्ट है कि शेरगढ़ को छोड़कर बाकी सभी ब्लॉकों में माप की शुद्धता राज्य के औसत (34%) से भी नीचे गिर गई है। किस आकांक्षी ब्लाक में कितनी लापरवाही मझगवां : 93 प्रतिशत (सबसे खराब) दमखोदा : 83 प्रतिशत शेरगढ़ : 75 प्रतिशत फतेहगंज पश्चिमी : 73 प्रतिशत बहेड़ी : 71 प्रतिशत गलत लंबाई मापने वाली कार्यकत्रियां दमखोदा : 83 प्रतिशत मझगवां : 79 प्रतिशत फतेहगंज पश्चिमी : 65 प्रतिशत बहेड़ी : 62 प्रतिशत शेरगढ़ : 46 प्रतिशत

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