शहर में 320 स्थानों में से महज 53 पर जलाए गए अलाव
Bareily News - शहर में कड़ाके की ठंड के बीच सरकारी राहत व्यवस्थाएँ नाकाफी साबित हो रही हैं। रियलिटी चेक में अलाव और रैन बसेरों की स्थिति चिंताजनक पाई गई। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव की तलाश में भटकते नजर आए। प्रशासन से अलाव की संख्या बढ़ाने और रैन बसेरों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

शहर में कड़ाके की ठंड और सर्द हवाओं के बीच राहत के सरकारी इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। अलाव और रैन बसेरों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए किए गए रियलिटी चेक में व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। ठंड से बचने के लिए मजबूर राहगीर, मजदूर और बेसहारा लोग अलाव की तलाश में भटकते नजर आए, जबकि रैन बसेरों के लिए संकेत बोर्ड नहीं लगाए गए। शहर में चिह्नित 320 स्थानों में से महज 53 पर ही अलाव जलते दिखे। गुरुवार की देर रात को सेटेलाइट बस स्टैंड और पुराने रोडवेज परिसर के अस्थाई रैन बसेरों का निरीक्षण किया गया, जहां गर्म पानी की कोई व्यवस्था नहीं मिली।
चौपला पुल के नीचे बनाए गए रैन बसेरे में भी ऐसा ही नजारा था। कुछ जगहों पर अलाव जलता मिला कुछ पर नहीं मिला। सब्जी मंडी क्षेत्र में अलाव की लकड़ी नाकाफी पाई गई, आग कुछ ही देर में बुझ गई। अलाव की व्यवस्था भी नाकाफी शहर के कई प्रमुख स्थानों पर अलाव की लकड़ी पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंचाई गई। कुछ जगहों पर अलाव पूरी तरह नदारद मिले, जबकि जहां अलाव जलाए भी गए, वहां लकड़ी कम होने के कारण आग जल्द ही बुझ गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अलाव की संख्या बढ़ाई जाए, पर्याप्त लकड़ी की व्यवस्था की जाए और रैन बसेरों में गर्म पानी, कंबल व साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं, ताकि कड़ाके की सर्दी में लोगों को राहत मिल सके।

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